25jjrp02- अपने पिताजी व भाई के साथ अंशु जाखड़। स्रोत : परिजन
साल्हावास। गांव लडायन की अंशु जाखड़ पांच साल का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद मिलिट्री नर्सिंग सर्विस में लेफ्टिनेंट बनी हैं। अब वह लखनऊ स्थित बेस अस्पताल, सेंट्रल कमांड में चिकित्सा सेवाएं देंगी। उनकी उपलब्धि पर परिवार और गांव में खुशी का माहौल है।
उनके भाई नवीन कुमार ने बताया कि अंशु ने अक्तूबर 2021 से 24 अक्तूबर 2026 तक पुणे स्थित आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज से प्रशिक्षण प्राप्त किया। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव के गौड़ स्कूल में हुई।
अंशु के पिता राकेश जाखड़ किसान हैं। उनके दादा हरि सिंह अध्यापक थे और ताऊ राजेंद्र सिंह शिक्षा विभाग में क्लर्क थे। उनकी बुआ निर्मला देवी सेवानिवृत्त अध्यापिका हैं, जबकि दूसरी बुआ बाला देवी सीआरपीएफ में इंस्पेक्टर के पद से सेवानिवृत्त हुई हैं।
उनके चचेरे भाई नवीन कुमार व सविन कुमार भी देश सेवा कर चुके हैं। नवीन कुमार वर्तमान में बैंकिंग अधिकारी हैं और सविन कुमार रक्षा मंत्रालय में राजभाषा अधिकारी हैं। अंशु की बड़ी बहन निधि हैं और छोटा भाई साहिल पढ़ाई कर रहा है। उनकी उपलब्धि पर गांव और जाखड़ खाप में खुशी है।
नवोदय विद्यालय से पढ़ाई, पहली बार में हुआ चयन
अंशु जाखड़ का छठी कक्षा में चयन जवाहर नवोदय विद्यालय कलोई में हुआ, जहां से उन्होंने बारहवीं तक पढ़ाई की। इसके बाद पहली बार में ही उनका चयन मिलिट्री नर्सिंग सर्विस में हो गया। पुणे स्थित आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज में पांच साल का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वह लेफ्टिनेंट बनीं। अब वह लखनऊ के बेस अस्पताल, सेंट्रल कमांड में चिकित्सा सेवाएं देंगी।