इससे सर्कुलर रोड जाम हो गया। पुलिस ने सचिवालय की ओर जाने वाली मुख्य सड़क का गेट बंद कर दिया। लोकल बस स्टैंड से संजौली की ओर जाने वाली बसों को वाया लक्कड़ बाजार रवाना किया गया।
वाहनों का रश बढ़ने के कारण विक्ट्री टनल, ताराहाल, लक्कड़ बाजार मार्ग पर लंबा जाम लग रहा। ऊपरी शिमला और मशोबरा की ओर से आने वाले भारी वाहनों और बसों को ढली से वाया टूटीकंडी बाईपास रवाना किया गया।
हालांकि, टूटीकंडी आईएसबीटी और ओल्ड बस स्टैंड से ऊपरी शिमला और मशोबरा की ओर रवाना होने वाली बसें वाया लक्कड़ बाजार बस स्टैंड ही भेजी गईं। डीएसपी ट्रैफिक पीडी ठाकुर ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के कारण वीरवार को लगभग आधे घंटे के लिए ट्रैफिक प्रभावित रहा।
जाम के कारण लोगों को परेशानी न झेलनी पड़े इसके लिए ऊपरी शिमला और मशोबरा से आने वाले भारी वाहनों को टूटीकंडी बाईपास पर डायवर्ट किया गया। लोकल बस स्टैंड से संजौली वाया छोटा शिमला चलने वाली बसों को भी वाया लक्कड़ बाजार बस स्टैंड चलाया गया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के ‘घेरा डालो, डेरा डालो’ प्रदर्शन के मद्देनजर वीरवार सुबह नौ बजे ही भारी संख्या में पुलिस कर्मी छोटा शिमला पहुंच गए थे। हालांकि सरकार के खुफिया तंत्र की यह नाकामी रही कि प्रदर्शन में पहुंचने वाले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की संख्या को लेकर सही अंदाजा नहीं लगाया जा सका।
अंतिम समय में शहर का ट्रैफिक डायवर्ट करने के कारण पब्लिक को परेशानी हुई। यदि समय रहते ट्रैफिक डायवर्ट करने की सूचना पब्लिक को दे दी गई होती तो इतनी परेशानी न झेलनी पड़ती।
ऊपरी शिमला और मशोबरा की ओर से आई बसों से यात्रियों को ढली में उतार दिया गया। ढली से शिमला की ओर बसें न मिलने के कारण लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
आईजीएमसी और डीडीयू अस्पताल आने वाले लोगों को ढली से पैदल ही संजौली पहुंचना पड़ा। ट्रैफिक डायवर्ट करने के बाद लोकल रूटों पर अतिरिक्त बसें लगाने की कोई व्यवस्था नहीं की गई।
सैलानियों को झेलनी पड़ी भारी परेशानी
पीक टूरिस्ट सीजन के चलते शहर के होकर आवाजाही करने वाले सैलानियों को ट्रैफिक डायवर्ट होने के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घंटों सैकड़ों पर्यटक वाहन जाम में फंसे रहे। कई स्थानों पर पर्यटक वाहनों को वापिस भी लौटा दिया गया।