हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव की मतदाता सूची में गड़बड़ियों को लेकर दाखिल जनहित याचिका मुख्य न्यायधीश अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति विकास बुधवार की खंडपीठ ने पोषणीयता के आधार पर खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि याची की ओर से दाखिल याचिका में की गई प्रार्थना ने याची का हित निहित होने के कारण इसे जनहित याचिका के रूप में स्वीकार नही किया जा सकता।
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गौरतलब है कि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव के लिए जारी हुई मतदाता सूची में तमाम विसंगतियों को लेकर आक्रोशित वकीलों के एक गुट में सतेंद्र कुमार गुप्ता की ओर से जनहित याचिका दाखिल की थी। याचिका में कहा गया था कि एसोसिएशन की ओर से जारी हुई मतदाता सूची में तमाम ऐसे वकीलों के नाम गायब है, जिनकी सदस्यता शुल्क भी जमा है और निर्धारित संख्या के मुकदमे भी उनके पास है। फिर भी उन्हें मताधिकार से वंचित किया जा रहा है। गड़बड़ी से नाराज वकीलों का यह भी कहना था कि बार में 15 हजार से ज्यादा सदस्य है लेकिन मतदाता सूची में लगभग साढ़े नौ हजार वकीलों को ही शामिल किया गया हैं।