झज्जर। छुछकवास के सुरेंद्र और राकेश पिछले पांच साल से भ्रूण के लिंग की जांच गिरोह में दलाल के रूप में काम कर रहे थे। दोनों का बिहार के एक व्यक्ति से गुरुग्राम में परिचय हुआ था। उसी ने जांच केंद्र के लोगों से परिचय कराया था।
उसके बाद से ही दोनों महिलाओं को बिहार ही ले जाते थे। जांच के लिए वह ट्रेन से लेकर जाते थे। इस बार ट्रेन में आरक्षित सीटें न मिलने से गाड़ी से ले जा रहे थे। इस बार जांच के लिए 50 हजार रुपये महिला से तय किए थे। इसमें से दस हजार रुपये की राशि टेकारी कस्बे के शिव शक्ति अल्ट्रासाउंड केंद्र को दी जाती थी जबकि 20-20 हजार रुपये दोनों अपने पास रखते थे। पूछताछ में सुरेंद्र ने खाद बीज का काम करने व राकेश यादव ने गाड़ी चलाने की बात स्वीकर की है।
हरियाणा टीम की बिहार में पहली रेड
हरियाणा पीएनडीटी टीम की बिहार में यह पहली रेड थी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी खुद हैरान है कि दलाल झज्जर से लगभग एक हजार किलोमीटर दूर गर्भवती महिलाओं को ले जाकर भ्रूण लिंग जांच करवा रहे थे। खुद टीम को अपनी गाड़ी में आरोपियों का पीछा करते हुए पहुंचने में ही 17 से 18 घंटे लग गए।
10 महिलाओं का कर चुके थे अल्ट्रासाउंड
पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. संदीप ने बताया कि पकडे़ गए आरोपी फिक्ड होने वाली अल्ट्रासाउंड मशीन का प्रयोग कर रहे थे। जब टीम सेंटर पर पहुंची तो वहां पहले से ही 10 गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड कर उन्हें लड़का या लड़की होने के बारे में बताया जा चुका था। सेंटर का मुख्य संचालनकर्ता अमरेश है जिसने आसपास ऐसे 10 सेंटर खोले हुए हैं। अरमेश इस सेंटर से हर माह 40 हजार रुपये लेता था।
गुलशन बोला यूपी में अपने गुरु से सीखा भ्रूण के लिंग की जांच करना
फर्जी सोनोलॉजिस्ट गुलशन कुमार ने पूछताछ में बताया कि उसका उत्तर प्रदेश में गुरु हैं जिसने उसे अल्ट्रासाउंड मशीन में यह देखना बताया कि गर्भ में लड़का है या लड़की। पकडे़ गए आरोपी गुलशन के पास किसी प्रकार की कोई डिग्री या लाइसेंस भी नहीं था। उसकी उम्र मात्र 25 से 26 साल है।
वर्जन
यदि आपके आसपास कोई व्यक्ति भ्रूण लिंग जांच जैसे अपराध में संलिप्त है तो इसकी सूचना तुरंत सिविल सर्जन कार्यालय झज्जर या पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. संदीप कुमार मोबाइल नंबर-8700886095 को दें।
डॉ. मंजू कादियान, सिविल सर्जन