महानायक अमिताभ बच्चन की वर्ष 2009 में आई फिल्म ‘पा’ जिसने भी देखी होगी, वह प्रोजोरिया नामक बीमारी से थोड़ा बहुत परिचित होगा। अजीबोगरीब बच्चे के किरदार में अमिताभ को देखने के बाद यह अति दुर्लभ बीमारी चर्चा में आई। उत्तर प्रदेश में प्रोजोरिया बीमारी का पहला मामला कानपुर देहात के मलासा ब्लॉक में सामने आया है। यहां के बहरई गांव निवासी अंशुमान मिश्रा के नौ वर्षीय बेटे आदित्य में चार साल पहले प्रोजोरिया के लक्षण सामने आए थे। आस्ट्रेलिया के द रॉयल मेलबर्न हॉस्पिटल में मंगलवार को उसका दुर्लभ आपरेशन होगा।
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फोर्टिस हॉस्पिटल में दिखाया गया
अंशुमान मिश्रा बताते हैं कि नौकरी के सिलसिले में वे मेरठ में रहते हैं। चार साल पहले बच्चे के शरीर के सारे बाल झड़ गए। चेहरे में झुर्रियां बढ़ने लगीं। शरीर सूखने लगा। मेरठ में ही स्थानीय डॉक्टरों को दिखाया। काफी समय तक इलाज चला। राहत न मिलने पर उन्हीं डॉक्टरों की मदद से 29 सितंबर 2015 को दिल्ली के फोर्टिज हास्पिटल में दिखाया। डॉ. अपर्णा अग्रवाल की टीम ने जांच के बाद बच्चे को प्रोजोरिया बीमारी से पीड़ित बताया और एम्स रेफर कर दिया। यहां चार माह तक बच्चे को भर्ती रखा गया।
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डॉक्टरों ने एक डाइट चार्ट थमाकर घर भेज दिया
इलाज न ढूंढ पाने पर डॉक्टरों ने एक डाइट चार्ट थमाकर घर भेज दिया और हर माह चेकअप कराने के लिए एम्स बुलाया। उसे हर माह 15 हजार रुपये कीमत के दो इंजेक्शन नेट्रो प्रोजीन दिए जाते हैं। कुछेक महीने तक यह सिलसिला चलता रहा। हर माह 35 हजार रुपये के खर्च को डॉ. अपर्णा, उनके पति डॉ. दीपक अग्रवाल और उनकी मित्र मंडली ने उठाया। श्री श्याम शरणम मंडलम संस्था ने भी बच्चे के इलाज में मदद की।
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मेलबर्न में होगा दुर्लभ आपरेशन
डॉ. अर्पणा के पति डॉ. दीपक अग्रवाल छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सीएमओ हैं। आदित्य की बीमारी और उसकी आर्थिक स्थिति का पता चलने पर उन्होंने इनकी मदद करने की ठानी। अमेरिका के प्रोजेरिया रिसर्च फाउंडेशन में इसका रजिस्ट्रेशन कराया। यहां प्रोजोरिया की नई रिसर्च के बारे में बताया और अति दुर्लभ आपरेशन के लिए मेलबर्न हॉस्पिटल भेजा गया। 18 अप्रैल को सुबह पौने चार बजे (भारतीय समय) उसका आपरेशन शुरू होगा। बताते हैं कि यह आपरेशन सफल रहा तो प्रोजोरिया पीड़ित 45 वर्ष की उम्र तक जिंदा रह सकता है। वर्ना 14-15 साल अधिकतम उम्र होती है।
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आप भी कर सकते हैं मदद
मेलबर्न में होने वाले आपरेशन में करीब 10 लाख रुपये का खर्च आया है। मददगारों ने 7.5 लाख रुपये जुटा लिए हैं। ढाई लाख रुपये आपरेशन के लिए और जरूरत हैं। उसके बाद के इलाज में काफी खर्च होना है। यदि कोई मदद करना चाहे तो पिता अंशुमान के मोबाइल नंबर 7217421706 व डॉ. दीपक अग्रवाल के मोबाइल नंबर 9627898990 पर संपर्क कर सकते हैं।
प्रोजोरिया : आठ वर्ष की तेजी से आता है बदलाव
डॉ. अपर्णा अग्रवाल ने बताया कि प्रोजोरिया जेेनेटिक डिसआर्डर व फिजियोलॉजी की बीमारी है। इसमें हर एक वर्ष की उम्र में आठ वर्ष की तेजी से शरीर में बदलाव आता है। शरीर के बाल झड़ जाते हैं। त्वचा में झुर्रियां आ जाती हैं। दांत गिरने लगते हैं। हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। लेप्रनिन नामक प्रोटीन बनते रहने के कारण दिमाग तो बच्चे जैसा ही चलता है लेकिन 10 वर्ष की उम्र में ही शरीर 50-60 वर्ष के बूढ़े जैसा दिखने लगता है।
फैक्ट फाइल
- दुनिया में अब तक इस बीमारी के 115 मरीज सामने आए हैं।
- भारत में कुल छह मरीज प्रोजोरिया से पीड़ित हैं।
- एक करोड़ लोगों में एक बच्चा प्रोजोरिया से पीड़ित होता है
- पैदाइश सामान्य होती है, लक्षण बाद में उभरते हैं।