झज्जर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकुमार यादव के मार्गदर्शन में झज्जर और बहादुरगढ़ में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। इसमें बड़ी संख्या में मामले रखे गए और उनका निपटारा किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झज्जर ने इस आयोजन की पहल की।
कार्यवाहक सीजेएम और प्राधिकरण सचिव मीनू ने बताया कि लोक अदालत प्रत्यक्ष रूप से आयोजित हुई। इसमें झज्जर व बहादुरगढ़ की सभी राजस्व और न्यायिक अदालतों ने भाग लिया। पीएलए/पीयूएस कोर्ट में 49 लंबित मामलों का निपटारा हुआ। ट्रैफिक शाखा ने 12473 चालान मामलों को सुलझाया। राजस्व अधिकारियों ने 6338 मामलों का समाधान किया। कुल 24783 मामले लोक अदालत में रखे गए। इनमें से 21105 मामलों का आपसी सहमति से निपटारा किया गया। इन मामलों की कुल राशि 99961731 रुपये रही।
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प्रिंसिपल जज फैमिली कोर्ट प्रवीण कुमार सहित कई न्यायाधीशों ने मामलों का समाधान किया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत तेजी से न्याय का प्रभावी माध्यम है। यहां मामले आपसी सहमति से सुलझाए जाते हैं। इससे समय और धन दोनों की बचत होती है। उन्होंने आम जनता से लोक अदालतों का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने लोक अदालत के सफल संचालन में सहयोग देने वाले अधिकारियों और विभागों की सराहना की।
लोक अदालत में सड़क हादसों के मुआवजे के मामले भी रखे गए। उखलचना कोट निवासी राहुल की 1 मार्च 2025 को रिलायंस मेट सिटी सेक्टर-5 के सामने कार की टक्कर से मौत हुई थी। राहुल के परिजनों को 28 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया गया। घायल दोस्त राजीव को 6 लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए गए। गांव महराणा निवासी मनजीत का 4 मार्च 2025 को लडरावन गांव के पास कार से एक्सीडेंट हुआ था। इस मामले में घायल मनजीत को 4 लाख रुपये मुआवजा देने के निर्देश दिए गए।