चंडीगढ़। शहर की सड़कों को वाहनों की भीड़ और जाम से मुक्त करवाना मेरी प्राथमिकता होगी। लोग सड़क पर सुरक्षित चल सकें, इसके लिए नए कदम उठाए जाएंगे। हादसाें को कम कर गलत ड्राइविंग करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए नई तकनीक इस्तेमाल की जाएगी।
एसपी ट्रैफिक एंड सिक्योरिटी का चार्ज लेने के बाद मंगलवार को एसपी मनीष चौधरी ने यही वादे किए। उन्होंने कहा कि सड़क हादसे रोकने के लिए एक्सीडेंट प्रोन एरिया की स्टडी की जाएगी। ट्रैफिक में सुधार करने के लिए रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों के साथ बैठक की जाएगी। बैठक में उनसे ट्रैफिक व्यवस्था की कमी और उसे बेहतर बनाने के लिए सुझाव लिए जाएंगे। लोगों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी देने के लिए स्पेशल वर्कशाप भी आयोजित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक पुलिस जवानों द्वारा अगर रिश्वत लेने की कोई शिकायत मिली तो उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई होगी।
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पूरे शहर में लागू होगा सेंट्रलाइज सिस्टम
जाम से लोगों को छुटकारा देने के लिए पूरे शहर में सेंट्रलाइज सिस्टम लागू होगा। इससे वाहन चालक को अगर एक जगह ग्रीन लाइट मिलती है तो आगे वाली सभी लाइट ग्रीन मिलेंगी। अभी शहर में यह सिस्टम ट्रांसपोर्ट चौक से लेकर फन रिपब्लिक लाइट प्वाइंट तक लगा है।
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चार्ज लेते ही उमड़ पड़े मिलने वाले
चार्ज संभालते के लिए एसपी मनीष चौधरी मंगलवार सुबह सेक्टर-9 पुलिस हेडक्वार्टर पहुंचे। वह आईजी पीके श्रीवास्तव और डीआईजी आलोक कुमार से मिले। करीब साढ़े बारह बजे मनीष अपने दफ्तर पहुंचे। उसी समय डीएसपी ट्रैफिक विजय कुमार एसपी साहब से मिलने पहुंचे। उनके दफ्तर में तैनात स्टाफ एक-एक कर एसपी साहब से मिला। इतने में डीएसपी जसवंत खैरा और अश्वनी कुमार आए और उन्होंने मुलाकात की। दोपहर बाद एसपी साहब दफ्तर वापस आए और डाक निकाली। उन्होंने इस दौरान पूरे स्टाफ का रिकार्ड देखा और ट्रैफिक की चल रही योजनाओं के बारे में जानकारी ली। वहीं उनकेदफ्तर के बाहर मिलने वाले पुलिस जवानों की लाइन लगी रही।
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पहले भी ले चुके हैं ट्रैफिक की जिम्मेदारी
ट्रैफिक एंड सिक्योरिटी एसपी मनीष चौधरी को ट्रैफिक की बेहतर जानकारी है। 2005 में आईपीएस भर्ती होने के बाद उन्होंने पंचकूला में एएसपी ट्रैफिक का पदभार संभाला था। इस पद पर रहते हुए उन्होंने पंचकूला के ट्रैफिक में काफी सुधार किया था। ट्रैफिक संबंधी कई योजनाएं उन्होंने लागू की थीं। पंचकूला के बाद उनका तबादला सोनीपत बतौर एएसपी हुआ। फिर वह एडीशनल एसपी बनकर रोहतक गए। पंचकूला में डकैती और लूट की वारदात ज्यादा होने से उन्हें रोकने के लिए मनीष चौधरी को एसपी पंचकूला का चार्ज मिला था।