फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

माफी नहीं मांगी तो आज होगी डॉक्टरों की हड़ताल

Sat, 05 May 2012 12:00 PM IST
Chandigarh
विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। पीजीआई के रेजीडेंट डॉक्टरों ने कहा है कि अगर ओटी टेक्नीशियन ने उनके सहयोगी से हुई मारपीट के लिए लिखित रूप से माफी नहीं मांगी तो वह लोग शनिवार से हड़ताल पर चले जाएंगे। वहीं ओटी टेक्नीशियन एसोसिएशन का कहना है कि उनके साथी ने कोई मारपीट नहीं की है इसलिए कोई माफी नहीं मांगेगा। टेक्नीशियन का कहना है कि अगर डॉक्टर हड़ताल पर जाने की धमकी देंगे तो हम लोग भी हड़ताल पर चले जाएंगे।
विज्ञापन

वीरवार को पीजीआई के एनेस्थीसिया विभाग के रेजीडेंट डॉक्टर अजय मिश्रा ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उनके साथ ओटी टेक्नीशियन गुरप्रीत ने टायलेट में मारपीट की है। उसको लेकर पीजीआई में शाम को खूब हंगामा हुआ। इस विवाद के बाद पीजीआई प्रशासन ने शुक्रवार को सुबह ग्यारह बजे विभागध्यक्ष प्रो. ज्योत्सना विग की अध्यक्षता में एक बैठक करने को कहा था। शुक्रवार की सुबह ग्यारह बजे विभागध्यक्ष के साथ चली चार घंटे चली बैठक भी बेनतीजा खत्म हो गई। इस बैठक में रेजीडेंट डॉक्टरों द्वारा ओटी टेक्नीशियन से लिखित रूप से माफी मांगे जाने को कहा जा रहा था लेकिन टेक्नीशियन का कहना था कि वह बगैर गलती माफी नहीं मागेगा। प्रो. ज्योत्सना विग ने बताया कि चार घंटे की बैठक में इस बात का कोई सुबूत नहीं मिल सका कि टेक्नीशियन द्वारा डॉक्टर के साथ मारपीट हुई है। फिर भी मामले को शांत कराने के लिए टेक्नीशियन से लिखित रूप से माफी मांगने को कहा गया।
इस बैठक के बाद ओटी टेक्नीशियन एसोसिएशन और एसोसिएशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स की अलग अलग बैठक हुई। एआरडी की बैठक मेें तय हुआ कि अगर टेक्नीशियन गुरप्रीत शनिवार तक माफी नहीं मानेगा तो सभी रेजीडेंट स्ट्राइक पर चले जाएंगे। वहीं ओटी टेक्नीशियन एसोसिएशन के महासचिव मनोज कुमार का कहना है कि वह माफी नहीं मांगेंगे। अगर डॉक्टर हड़ताल करेंगे तो हम लोग भी स्ट्राइक पर जाएंगे।
विज्ञापन

-----------------------------
पीजीआई ने बनाई कमेटी
इस मामले में देखरेख करने के लिए प्रो. वाईके बत्रा की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई है। जो सोमवार तक इस मामले की जांच करके पीजीआई निदेशक को अपनी जांच सौपेंगे।
बाक्स
पहले ही संभाल लेते तो ऐसा नहीं होता
चंडीगढ़। अगर 18 अप्रैल को हुए टेक्नीशियन और रेजिडेंट डॉक्टर की शिकायत को गंभरता से ले लिया गया होता तो शायद ऐसा नहीं होगा। एसोसिएशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर के प्रेसीडेंट डॉ. संदीप का कहना है कि उस वक्त की लापरवाही का नतीजा है कि उनके साथी डॉक्टर के साथ ऐसा व्यवहार हुआ है। दरअसल 18 अप्रैल को टेक्नीशियन गुरप्रीत और रेजीडेंट डॉक्टर अजय मिश्र का मरीज को शिफ्ट करने पर विवाद हो गया था। इस मामले की तब शिकायत हुई थी लेकिन कोई कार्रवाई कड़ी कार्रवाई नहीं हुई थी। इस बारे में पीजीआई के एनेस्थीसिया विभाग की प्रमुख प्रो. ज्योत्सना विग का कहना है कि उन्होंने दोनों लोगों से इस मसले पर जवाब मांगा था। जवाब मिलने के बाद दोनों लोगों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था। उन्होंने कहा कि उनको नहीं लगता है कि वीरवार को हुई घटना 18 अप्रैल की घटना का नतीजा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें