मोहाली के गांव टोडर माजरा में संदिग्ध परिस्थितियों में मंगलवार को नौ हजार लीटर दूध पकड़ा गया था। इसके सैंपल फेल हो गए। इस दूध को बुधवार को मोहाली स्थित वेरका मिल्क प्लांट में नष्ट कर दिया गया। गांव वासियों ने दूध में मिलावट होने की शिकायत अधिकारियों को दी थी।
वेरका के दूध कलेक्शन मैनेजर डॉ. सुरजीत सिंह ने बताया कि दूध की लैब में जांच करवाई गई है, जिसमें दूध में रिफाइंड तेल होने की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि इस दूध की कीमत करीब तीन लाख रुपये थी।
दूसरी तरफ सेहत विभाग ने इस दूध का सैंपल जांच के लिए सेक्टर-11 स्थित चंडीगढ़ लैब में भेज दिया है। उन्होंने बताया कि दूध में मिलावट करना जुर्म है। इसलिए कंपनी की तीन लाख रुपये की सिक्योरिटी मनी जब्त कर ली गई है। साथ ही कंपनी को ब्लैक लिस्ट करके पुलिस कार्रवाई की तैयारी में है।
उन्होंने बताया कि विभाग ने कंपनी को एक नवंबर 2015 में ही काम पर लगाया था। अब कंपनी को निकाल दिया गया है। इस मामले में सेहत विभाग के अफसर डॉ. सुरिंदर सिंह ने बताया कि जो सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। उनकी जांच रिपोर्ट दो हफ्ते में आएगी।
जिक्रयोग है कि यह अपनी तरह का पहला मामला है जब वेरका द्वारा गांव से इकट्ठा किए जा रहे दूध में केमिकल मिलाया जा रहा था। इसकी लोगों को भनक लग गई थी। इसके बाद आरोपी गाड़ी छोड़ भाग गया था।