संभल। गंगोत्री से गंगासागर तक के लिए शुरू हुई गंगा सद्भावना यात्रा शुक्रवार को सुबह संभल पहुंची। उत्साह के साथ युवाओं ने भागीदारी की। यात्रा का नेतृत्व कर रहे रामधीरज ने कहा कि सिर्फ सरकार के भरोेसे न रहें। अपनी जिम्मेदारी निभाएं। गंगा नदी नहीं है, वह हमारी मां है। सदियों से मां गंगा ने हमें पाला है लेकिन प्रदूषित पानी के प्रवाह ने उसकी स्वाभाविक अवरिलता को बाधित कर दिया।
गंगा सद्भावना यात्रा में हरियाणा के राजकुमार सागवान, इलाहाबाद के आर्य शेखर, राजस्थान के सुरेश रैकवार भी शामिल हैं। यात्रा 20 सितंबर को गंगोत्री से शुरू हुई थी। यह यात्रा 2550 किलोमीटर चलकर 14 जनवरी को गंगा सागर पहुंचेगी। यात्रा के आगमन पर एमजीएम कालेज में गंगा को अविरल और निर्मल बनाए रखने के लिए संगोष्ठी हुई। युवाओं ने भारी उत्साह सद्भावना यात्रा में भागीदारी की।
इस मौके पर आर्यशेखर ने कहा कि गंगा निर्मल तो तब रहेगी जब वह अविरल हो। उन्होंने कहा कि गंगा के प्रवाह को बाधित किया गया है। संचालन डा. संजय बाबू दुबे ने किया। कालेज प्रबंध समिति के सह सचिव संजय अग्रवाल, प्राचार्य आबिद हुसैन हैदरी ने संबोधित किया। कमलकांत शर्मा की भागीदारी अहम रही। नगर सुधार कमेटी ने गंगा बचाओ के लिए संकल्प लिया।