छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश के बाद अब आकाशीय बिजली फिर कहर बनकर गिरने लगी है। रायगढ़ और महासमुंद में शुक्रवार देर शाम आकाशीय बिजली गिरने से 5 लोगों की मौत हो गई। रायगढ़ में जहां मां-बेटी सहित तीन की जान चली गई। वहीं महासमुंद में दो लोगों ने दम तोड़ दिया और दो घायल हुए हैं। उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जबकि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। दोनों ही जगहों पर बारिश से बचने के लिए लोगों ने मंदिर में शरण ली हुई थी।
रायगढ़ : मंदिर के पास पहुंचे थे शरण लेने
जानकारी के मुताबिक, रायगढ़ में लैलूंगा के ग्राम रतनपुर केशला में सुबह से बारिश हो रही थी। मौसम ठीक हुआ तो ग्रामीण बाहर निकले और शाम को तालाब किनारे खड़े होकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान फिर अचानक से मौसम बदला और बारिश शुरू हो गई। इस पर लोग बचने के लिए पास ही बने मंदिर किनारे शरण लेने के लिए पहुंच गए। इसी दौरान तेज आवाज के साथ बिजली मंदिर के पास लगे पेड़ पर गिरी। मौसम शांत होने पर आसपास के लोगों ने देखा तो तीन लोगों के शव पड़े थे।
गांव में तीन लोगों की मौत से मातम
बिजली गिरने से सुखी राम बंजारा (34) सहित कमला सारथी (30) पत्नी रोहित सारथी और फुलासो सारथी (25) की मौत हो चुकी थी। हालांकि फुलासो की 2 साल की बच्ची वहीं सुरक्षित मिली। इसके बाद स्थानीय ग्रामीणों ने परिजनों को जानकारी दी और सभी को घर लेकर आए। फिर सरपंच के माध्यम से पुलिस को सूचना दी गई। तीनों का शनिवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा। हादसे में एक साथ तीन लोगों की मौत के बाद गांव में मातम का माहौल है।
महासमुंद: टहलने निकलने लोगों पर गिरी गाज
दूसरी ओर महासमुंद में भी बिजली गिरने से दो लोगों की जान चली गई। तेंदुकोना क्षेत्र के बुदेली चौकी क्षेत्र में स्थानीय निवासी जय सिंह ठाकुर (55) और लखन सिंह (32) दोपहर में खाना खाने के बाद बाहर टहलने के लिए निकले थे। इसी दौरान मौसम बदला और बारिश होने लगी। बचने के लिए दोनों पास ही बने शिव मंदिर में पहुंच गए। तभी आकाशीय बिजली गिरी और चपेट में आकर दोनों की मौत हो गई। वहीं बुदेली में ही दो बच्चे 14 साल का पंकज पटेल और खेमन यादव (16) घायल हुए हैं।
आकाशीय बिजली गिरने पर क्या करें, क्या न करें
- आकाशीय बिजली धरती पर करीब 3 लाख किमी की रफ्तार से गिरती है।
- जब भी मौसम खराब हो और लगे की सिर के बाल खड़े हो रहे हैं या झुनझुनी हो रही है तो कान बंद कर नीचे बैठ जाएं। ये बिजली गिरने का संकेत है।
- कोशिश करें कि पैरों के नीचे के सूखी चीज, जैसे-लकड़ी, बोरा या पत्ते, कपड़ा रख लें।
- इस दौरान जमीन पर लेटने से बचना चाहिए। दोनों पैरों को आपस में सटा कर हाथों को घुटने पर रखें और अपने सिर को नीचे की ओर झुका लें।
- इलेक्ट्रिक उपकरणों से दूर रहें। उनका इस्तेमाल न करें। छत पर न जाएं। खिड़की, दरवाजे और बरामदे में न खड़े हों।
- पेड़ के नीचे भी खड़े होने से बचें। भीड़ में न खड़े हों।