छत्तीसगढ़ में चुनावी मौसम में कई तरह के सियासी रंग देखने को मिल रहे हैं। कोई सीट के लिए जुगाड़ कर रहा है तो कोई वोट के लिए।
इसी बीच राजनीतिक पार्टियों में भाषण लिखवाने के बदले मोटी रकम देने का एक नया ट्रेंड देखने में आ रहा है।
यहां नेताओं के भाषण, फेसबुक, ट्विटर, एसएमएस लिखने वालों को पांच अंको तक में पैसा दिया जा रहा है।
खासकर बिलासपुर में भाजपा और कांग्रेस के अलावा दर्जन भर छोटे दलों के प्रत्याशी ये नया फंडा अपना रहे हैं। लोगों को पैसा देकर उनसे क्रिएटिव काम लिया जा रहा है और अपनी ब्रांडिंग बजबूत की जा रही है।
इस बहाने से पार्टियां युवाओं को खुद से जोड़ने की जुगत बिठा रही है। इन युवाओं के साथ मिल कर पार्टियां नारे, ऑडियो सीडी और गीत भी बनवा रहे हैं। मोटी रकम देने के कारण पढ़े-लिखे लोग इस तरफ आकर्षित भी हो रहे हैं।