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CG: जेल में बंद विचाराधीन कैदी की मौत, परिजनों ने किया हांगामा; प्रशासन पर लगाए लापरवाही और मारपीट के आरोप

Thu, 04 Jul 2024 06:28 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेंड्रा मरवाही

सार

पेंड्रा रोड जिला जेल में बंद विचाराधीन कैदी अशोक सोनकर की मौत हो गई। परिजनों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही और विचाराधीन कैदी के साथ मारपीट का आरोप लगाया है। 
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जिला जेल पेंड्रारोड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चोरी के आरोप में पेंड्रा रोड जिला जेल में बंद विचाराधीन कैदी अशोक सोनकर (24) की मौत हो गई। जेल से इलाज के लिए कैदी को आज जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही और विचाराधीन कैदी के साथ मारपीट का आरोप लगाया है। बुधवार देर रात तबीयत बिगड़ने के बाद जिला अस्पताल लाया गया था। परिजनों ने जिला अस्पताल में हंगामा मचाया। वहीं, जेल प्रशासन ने सभी आरोपों से इनकार कर दिया। 

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जानकारी के अनुसार, अशोक सोनकर चोरी के बर्तन खरीदने के मामले में जेल में बंद था। परिजनों के अनुसार जब भी वे अशोक से मिलने जेल जाते थे तो अशोक काफी डरा हुआ और बीमार बताता था। कभी-कभी अपने साथ मारपीट होने की घटना भी परिजनों को बताया करता था। कल रात उल्टी की शिकायत होने के बाद अशोक सोनकर को जिला अस्पताल लाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे सुबह जिला चिकित्सालय लाने की सलाह देकर डॉक्टर ने वापस जेल भेज दिया। 

जेल प्रशासन का कहना है कि डॉक्टरों की सलाह के अनुसार गुरुवार सुबह उसे फिर जिला अस्पताल लाया गया। प्रारंभिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे बिलासपुर रेफर करने की सलाह दी। अशोक सोनकर विचाराधीन कैदी था, इसलिए रेफर करने के लिए पुलिस बल की मांग की गई। इसी दौरान अशोक सोनकर की अस्पताल में मौत हो गई। वहीं, मामले में बड़ी लापरवाही यह है कि कैदी की तबीयत बिगड़ने के बाद जेल प्रशासन ने इसकी सूचना परिजनों को रात में नहीं दी, जबकि सुबह उसे वापस जिला अस्पताल लाया गया तब इसकी सूचना परिजनों को मिली।
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हालांकि परिजनों का कहना है कि जब उसे लाया गया, तब उसकी तबीयत पूरी तरह खराब थी और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। 24 वर्षीय युवक की मौत के बाद परिजनों ने जिला अस्पताल में जमकर हंगामा मचा दिया। जेल प्रशासन पर आरोपों की झड़ी लगाते हुए परिजनों ने साफ कहा कि उसके साथ मारपीट होती थी और जिला जेल प्रशासन ने तबीयत बिगड़ने पर उसकी सही चिकित्सा उपलब्ध नहीं कराई, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई।

हालांकि उपजेल अधीक्षक अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार करते हुए जेल मैनुअल के अनुसार चिकित्सा देने और कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं। उनका कहना है कि वह खुद कैदियों की परेड लिया करते थे और उनका हालचाल भी लेते थे। वहीं, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अशोक सोनकर की तबीयत लगभग 20 दिनों से खराब थी पर जेल में मौजूद फार्मासिस्ट द्वारा की गई लापरवाही से इसकी जानकारी जेल अधीक्षक और डॉक्टर तक नहीं पहुंच पाई। कल रात जब तबीयत ज्यादा खराब हुई तब उसे जिला अस्पताल लाया गया और आज इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

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