अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने बताया कि बच्ची को जब तक अस्पताल लाया गया, तब तक उसकी मौत हो गई थी। ऐसे में उसकी मौत कैसे हुई, इसका पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने पर ही पता चल सकेगा। मेडिकल कॉलेज अस्पताल चौकी ने शिकायत दर्ज की गई है। पुलिस ने परिजनों का बयान दर्ज किया एवं बयान के आधार पर अपराध दर्ज किया है। परिजनों का आरोप है कि गलत इंजेक्शन के कारण उनकी बच्ची की जान गई है।
सीएमओ ने कहा- जांच के बाद होगी कार्रवाई
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सीएमएचओ डॉ. बसंत कुमार ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। मेरे द्वारा कुसमी बीएमओ को जांच कर कार्रवाई के लिए कहा गया है। समय-समय पर झोलाछाप डाक्टरों की जांच की जाती है। वहीं, कुसमी बीएमओ डॉ. राकेश ठाकुर ने कहा कि मेडिकल स्टोर संचालक को इंजेक्शन लगाने का अधिकार है या नहीं, इसकी जांच की जाएगी। जांच के बाद कार्रवाई होगी।
गलत इंजेक्शन से पहले भी हो चुकी हैं मौतें
गलत इंजेक्शन लगाए जाने से मौत का संभाग में यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 4 अगस्त को जशपुर जिला अस्पताल में 22 वर्षीय महिला की मौत हो गई थी। मार्च के महीने में सरगुजा के ग्राम लखनपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक 7 साल की बच्ची की मौत हो गई थी। उसके परिजनों ने भी नर्स पर गलत इंजेक्शन देने का आरोप लगाया था।