फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुंगेली में कैंसिल हुई सिंहदेव और बैज की सभा: नहीं जुटी भीड़,खाली रह गईं कुर्सियां,वर्मा ने पढ़ाया चुनावी पाठ

Mon, 11 Sep 2023 08:01 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, मुंगेली

सार

छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में सोमवार को कांग्रेस ने संकल्प शिविर का आयोजन किया। इस दौरान कार्यक्रम में भीड़ नहीं जुट पाई।
विज्ञापन
सीएम के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा ने कार्यकर्ताओं को पढ़ाया चुनावी एकता का पाठ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में सोमवार को कांग्रेस ने संकल्प शिविर का आयोजन किया। इस दौरान कार्यक्रम में भीड़ नहीं जुट पाई। इस वजह से डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव और पीसीसी चीफ दीपक बैज की चुनावी सभा कैंसिल हो गई। सियासी गलियारे में इस बात की जमकर चर्चा हो रही है कि यहां पर कांग्रेसियों में गुटबाजी और आपसी खींचतान की वजह से संकल्प शिविर में भीड़ नहीं जुट पाई। 

विज्ञापन




इस वजह से कांग्रेस के दोनों दिग्गज नेताओं की चुनावी सभा रद्द करनी पड़ी। इसके दो दिन पहले ही सीएम भूपेश बघेल की चुनावी सभा भी कैंसिल हो गई थी। इस मामले में कांग्रेस में खलबली मची हुई है। मामले में सीएम भूपेश बघेल के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा ने मंच से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को चुनावी एकता का पाठ पढ़ाया। कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए कई अहम समझाइश दी। 
विज्ञापन


विज्ञापन


मुंगेली के कृषि उपज मंडी में आयोजित विधानसभा स्तरीय संकल्प शिविर में कांग्रेस के जिम्मेदार नेताओं की ओर से भीड़ नहीं जुटाने पर कार्यक्रम प्रभारी विनोद वर्मा ने कहा कि ये जो 35 लोगों ने दावेदारी की है। अगर एक-एक आदमी 8-8 बूथ की भी जिम्मेदारी ले लेता, तो हर बूथ से 10-10 लोग आ जाते। संगठन का काम अगर आप नहीं करेंगे। आपको लगता है कि कांग्रेस के टिकट से आप जीत जाओगे तो नहीं जीतोगे। नेता चुनाव नहीं जीतता, बूथ का कार्यकर्ता जीतता है। अगर आप बूथ के कार्यकर्ता की उपेक्षा करेंगे, उसको सम्मान नहीं देंगे, उसके सामने लड़ते-झगड़ते रहेंगे, तो कभी चुनाव नहीं जीतेंगे।


उन्होंने मंच से कहा कि आप इतने साल से मुंगेली इसीलिए नहीं जीत पाए क्योंकि कार्यकर्ताओं को एक रखने की बजाय उनके सामने लड़ते झगड़ते रहते हैं। वर्मा का भाषण सुनकर कार्यककर्ता कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद के नारे लगने लगे। इस पर उन्होंने कहा कि जिंदाबाद के नारे लगाना बंद करें। उस दिन जिंदाबाद करना जिस दिन मुंगेली विधानसभा जीत जाएंगे। पिछली बार भी संकल्प शिविर हुए थे। हमारा अनुभव है कि पीछे जो आखरी कुर्सी में बैठा कार्यकर्ता है वो संकल्प का पालन करता है पर उसके ऊपर के जो नेता हैं स उस कार्यकर्ता की तरह निष्ठाभाव से पार्टी का काम नहीं करते। अगर आप संकल्प के अनुरूप पार्टी की निष्ठा से काम करेंगे, तो जीत तय है। 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें