गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश का दौर जारी है, जिसके कारण नदी-नाले उफान पर हैं। आने वाले दो दिनों के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज एलर्ट जारी किया है। इसके चलते जिला प्रशासन ने जिले के सभी प्राथमिक, हायर सेकेंडरी, शासकीय और निजी स्कूलो में चार से पांच अगस्त तक अवकाश घोषित किया है। वहीं, लगातार हो रही बारिश से केवची अमरकंटक मार्ग पर पहाड़ का हिस्सा भी सड़क पर गिर गया है। पहाड़ का मलबा सड़क पर आ जाने से अमरकंटक मार्ग पर आवागमन बाधित है।
करीब दो घंटे से इस मार्ग पर आवागमन बंद है। आने-जाने वाले लोग परेशान हो रहे हैं और जाम लगा हुआ है। लोग दूसरे वैकल्पिक मार्ग का उपयोग कर यात्रा पूरी कर रहे हैं। इसके साथ ही अमरकंटक मार्ग में सिद्ध बाबा के पास भी पहाड़ का मलबा सड़क पर आ गया है। जिले में हो रही लगातार बारिश के कारण लैंडस्लाइडिंग की भी घटना हुई हैं।
गौरेला से ज्वालेश्वर और दुर्गाधारा के रास्तों से अमरकंटक जाने वाले मार्ग में भी कई स्थानों पर पहाड़ों से पत्थर और मलबा गिरकर सड़क पर आया है। इन रास्तों पर फिलहाल आवागमन जारी है। जिला प्रशासन ने इन रास्तों से आने-जाने वाले लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है। वहीं, मरवाही के कोटमी और सिवनी के पास सोन नदी उफान में चल रही है। शहरी इलाकों की बात करें तो कई वार्डों में पानी घुस गया है, जिसके कारण लोग परेशान हो रहे हैं।
कोरबा में घरों जलमग्न, डैम से पानी छोड़ने से पहले नहीं की गई मुनादी
पिछले दो दिनों से हो रही बरसात ने कोरबा वासियों को भी हलकान कर के रख दिया है। दर्री बांध से छोड़ा हुआ पानी हसदेव नदी के किनारे बसे लोगों के लिए आफत बन गया है। सीतामढ़ी क्षेत्र में कई घर पानी की चपेट में आ गए हैं। काफी मवेशी भी पानी में फंस गए हैं।
लोगों का कहना है कि सिंचाई विभाग हमेशा दर्री बांध से पानी छोड़ने से पहले मुनादी कराता था, लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ। डैम से छूटा पानी और अहिरन नदी व अन्य नालों से होकर आने वाला पानी हसदेव नदी के जलस्तर को बढ़ा रहा है। हसदेव नदी के किनारे बसे लोगों के ऊपर आफत आने के अलावा शहरी इलाके की कई बस्तियों में जलजमाव हो गया है।
नाली से पानी न निकलपाने के कारण कई लोगों के घरों मे पानी भर गया है। सीतामढ़ी हसदेव नदी किनारे रहने वाले लोगों ने बताया कि दर्री डैम में 12 गेट में से एक गेट को खोला गया है। गेट खुलने के बाद स्थिति निर्मित हुई है। कई लोग घरों में ताला लगाकर अपने रिश्तेदार या आसपास शरण ले ली है। देर रात तक यही स्थिति रही तो कई घर चपेट में आ सकते हैं।