स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, पूर्व मंत्री शिव डहरिया
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यूपी की राजधानी लखनऊ में 'टोटी चोर' केस की तरह ही एक मामला छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिला है। प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने के बाद सभी मंत्रियों को सरकारी आवास आवंटित किया गया है। इसी क्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल को मिले शासकीय आवास से कथित रूप से कई सामान गायब हैं। सरकारी बंगले से नल की टोटी, एसी, टीवी, बाथरूम का आईना, टेलीफोन का वायर, किचन का प्लेटफार्म, बिजली के खंभे से फ्लड लाइट आदि गायब हैं। सारे सामान बंगले की दीवार को खोदकर निकाल लिया गया है। इसे देखकर मंत्री जायसवाल ने पूर्व मंत्री पर नाराजगी जताते हुए तंज कसा है।
मामले में उन्होंने कहा कि 'ऐसा लग रहा है जैसे मुगलों ने भारत पर आक्रमण किया था , तो हमारे मंदिरों को खोदकर उसके रत्न और जो भी सोने-चांदी जड़े थे, उसे निकाल लिए थे। उसी प्रकार से जो सरकारी आवास है, जहां चोरी की गई है। जायसवाल ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री जायसवाल और पूर्व मंत्री डहरिया आमने-सामने
इस बयान के बाद मंत्री जायसवाल और पूर्व मंत्री शिव डहरिया आमने-सामने आ गए हैं। मामले में डहरिया ने कहा कि इसके लिए उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। मंत्री ने एक अनुसूचित जाति के नेता को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री को बयान देने से पहले पीडब्ल्यूडी विभाग से और यदि आवश्यकता पड़ती, तो मुझसे पूछना चाहिए था। मैंने सारे विभाग से एनओसी लिया है और एनओसी लेने के बाद ही मैंने मकान छोड़ा है। क्या मैं अपना व्यक्तिगत सामान नहीं ले जा सकता? वहां जो दो-तीन एसी लगे थे मेरे कमरे में वहां मैंने लगाया था, टीवी लगाया था, मेरा बच्चा क्रिकेट खेलता है। जो क्रिकेट का शेड लगा था वह मैंने लगाया था, पीडब्ल्यूडी ने नहीं बनवाया था। वह खुद यहां पर आ जाए और मीडिया को बुला लें और अपने दो-चार मित्रों को भी बुलाकर एक-एक समान वहां पर गिनवा लें। इस तरह से बदनाम करने की कोशिश करना ठीक नहीं है।
'किसी व्यक्ति पर आरोप नहीं'
डहरिया का बयान आने पर जायसवाल ने दोबारा प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने किसी व्यक्ति पर आरोप नहीं लगाया है। यह जांच का विषय है, जहां पर लगातार एक मंत्री रह रहे हो, वहां से सामान गायब हो जाना यह जांच का विषय है। इसकी जांच हम करा रहे हैं। बता दें कि भाजपा की सरकार बनने के बाद जायसवाल को लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा और बीस सूत्रीय कार्यान्वयन विभाग सौंपा गया है। जायसवाल को जो शासकीय आवास दिया गया है, वहां पूर्व नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया रहते थे। डहरिया ने आवास खाली कर दिया है।