धान खरीदी में अनियमितता और कमी मिलने पर प्रशासन ने 13 कर्मचारियों पर कार्रवाई की है। 9 उपार्जन केंद्र प्रभारियों को सेवा से पृथक किया गया, जबकि 4 कर्मचारियों से वसूली होगी। सभी को इस साल की धान खरीदी से बाहर कर दिया गया है।
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बलौदाबाजार जिले में धान खरीदी में गड़बड़ी और अनियमितता बरतने वाले 13 कर्मचारियों पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के उपार्जन केंद्रों में अप्रत्याशित कमी और अनियमितता पाए जाने के बाद यह प्रशासनिक कदम उठाया गया है। कार्रवाई के तहत नौ उपार्जन केंद्र प्रभारियों को सेवा से पृथक कर दिया गया है, जबकि चार अन्य कर्मचारियों के खिलाफ वसूली की कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही इन सभी 13 कर्मचारियों को इस वर्ष आयोजित होने वाली धान खरीदी प्रक्रिया से भी बाहर कर दिया गया है।
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प्रभावित उपार्जन केंद्रों की स्थिति
कार्रवाई की जद में मनोहरा, केसली, कामता, निपनिया, बिटकुली, खैरा, सिंगारपुर, कर्मदा, छेरकापुर, खरतोरा, करहीबाजार और मोहभट्टा सहित 13 उपार्जन केंद्रों के कर्मचारी आए हैं। उपार्जन केंद्रों में पाई गई अप्रत्याशित कमी को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। धान खरीदी की व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए दोषी कर्मचारियों पर यह गाज गिराई गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उपार्जन व्यवस्था में गड़बड़ी फैलाने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
181 केंद्रों में धान खरीदी की तैयारी
जिले के 181 उपार्जन केंद्रों में 15 नवंबर से धान खरीदी की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। धान खरीदी शुरू होने से पहले जिलाधिकारी कुलदीप शर्मा ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है। जिलाधिकारी ने कहा है कि धान खरीदी के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही, गड़बड़ी या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। अब यह देखना होगा कि नई व्यवस्था के तहत केंद्रों में किसानों के धान की खरीदी कितनी पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से पूरी होती है।