छत्तीसगढ़ सरकार ने अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में आम नागरिकों व व्यावसायिक संस्थानों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने निर्माण कार्य पूरा होने के उपरांत जारी होने वाली फायर एनओसी के नवीनीकरण की प्रक्रिया के लिए अधिकतम 30 कार्य दिवस की समय-सीमा निर्धारित की है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। शासन के इस निर्णय से प्रदेश भर के व्यापारिक प्रतिष्ठानों, बहुमंजिला इमारतों और विभिन्न संस्थानों को फायर एनओसी रिन्यूअल के लिए अब लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नई व्यवस्था के तहत संबंधित विभाग को तय समय के भीतर ही प्राप्त आवेदनों का निस्तारण करना अनिवार्य होगा।
लोक सेवा गारंटी कानून से जुड़ी सेवा
राज्य सरकार ने यह महत्वपूर्ण निर्णय छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के प्रावधानों के अंतर्गत लिया है। राजपत्र में जारी अधिसूचना के अनुसार सरकार ने अधिनियम की धारा 3, 4, 5 और 7 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग किया है। इन धाराओं के माध्यम से निर्माण पूर्ण होने के बाद जारी फायर एनओसी के नवीनीकरण को तय समय-सीमा में प्रदान की जाने वाली अधिसूचित सेवाओं की सूची में शामिल कर दिया गया है। शासन का मुख्य उद्देश्य नागरिकों और व्यावसायिक संस्थानों को सरकारी सेवाएं पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ उपलब्ध कराना है। इस कदम से प्रशासनिक प्रक्रियाओं में अनावश्यक विलंब पर रोक लगेगी।
30 कार्य दिवस में निपटेंगे आवेदन
अधिसूचना के लागू होने से फायर एनओसी नवीनीकरण के आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित होगी। अब संबंधित विभागीय प्राधिकारियों को आवेदन मिलने के बाद निर्धारित 30 कार्य दिवस के भीतर पूरी प्रक्रिया संपन्न करनी होगी। इस व्यवस्था से आवेदकों को अपने आवेदन की अद्यतन स्थिति और सेवा मिलने की निश्चित समय-सीमा के बारे में पूरी स्पष्टता रहेगी। पूर्व में समय-सीमा तय न होने के कारण आवेदकों को कई बार प्रशासनिक चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे व्यावसायिक गतिविधियों में भी रुकावट आती थी। नई व्यवस्था लागू होने से संस्थानों और प्रतिष्ठानों का काम आसान होगा और समय की बचत होगी।
अधिकारियों की जवाबदेही हुई तय
अधिसूचना में केवल समय-सीमा ही तय नहीं की गई है, बल्कि सेवा प्रदान करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी भी स्पष्ट रूप से निर्धारित की गई है। सरकार ने सेवा देने वाले जिम्मेदार अधिकारी, सक्षम प्राधिकारी और अपीलीय प्राधिकारी का दायित्व तय कर दिया है। यदि किसी आवेदक को निर्धारित 30 कार्य दिवस के भीतर सेवा प्राप्त नहीं होती है या उसके आवेदन पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता है, तो वह लोक सेवा गारंटी अधिनियम में दी गई व्यवस्था के अनुसार अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है। इस व्यवस्था से अधिकारियों की कार्यप्रणाली में सुधार आएगा और जवाबदेही बढ़ेगी।