27वीं बटालियन आईटीबीपी ने आज तड़के एक अभियान में महाराष्ट्र सीमा पर राजनंदगांव जिले में नक्सलियों के एक कैंप को ध्वस्त कर दिया। एक संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद सुबह लगभग चार बजे आईटीबीपी और छत्तीसगढ़ पुलिस की संयुक्त टीमों ने जिले के कोहकाटोली जंगल में स्थित नक्सलियों के ठिकाने को ध्वस्त किया।
गुप्त सूचना के आधार पर चलाए गए इस अभियान में जैसे ही जवान जंगल में संदिग्ध स्थल के पास पहुंचे तो नक्सलियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी जवाबी फायरिंग की। सुरक्षाबलों को भारी पड़ता देख नक्सली जंगल के रास्ते भाग निकले। ऐसा माना जा रहा है कि कुछ नक्सलियों को गोली भी लगी है।
बाद में इलाके की खोजबीन करने के बाद आईटीबीपी ने घटनास्थल से एक 303 राइफल, 12 बोर की 2 राइफल, एक भरमार राइफल, एक एयर गन, वायरलेस सेट्स और अन्य रोजमर्रा की आवश्यकताओं का सामान स्थान से बरामद किया।
सूत्रों का मानना है कि इस स्थान पर पीएलजी के प्लाटून कमांडर नंबर 15 का नेतृत्वकर्ता सुखलाल अपने लगभग 20 से 25 साथियों के साथ मौजूद था। मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
बता दें कि इससे पहले जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) ने गुरुवार को सुकमा में हुई मुठभेड़ में एक लाख के इनामी नक्सली को मार गिराया था। नक्सली की पहचान वंजम बुधु, रिवोल्यूशनरी पीपुल्स कमेटी (आरपीसी) के प्रभारी के रूप में हुई थी।
सुकमा के एसपी शलभ सिन्हा ने बताया था, हमें जानकारी मिली थी कि मुरलीगुड़ा और अटकल के जंगलों में नक्सली छिपे हुए हैं। जिला रिजर्व गार्ड की टीम को तलाशी अभियान के लिए भेजा गया। नक्सलियों ने उनको देखकर गोलियां चलानी शुरू कर दीं।
एसपी ने आगे कहा था कि हमारी टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। टीम को तलाशी के दौरान एक नक्सली का शव, एक हथियार, एक दवाइयों का बैग और सर्जिकल का सामान मिला है।