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अब नक्सली इलाकों में नहीं जाएगी एंबुलेंस

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शनिवार को एंबुलेस पर नक्सली हमला किया गया, लैंडमाइन से एंबुलेंस को उड़ा दिया गया, इस हमले में आठ लोग मारे गए। अब एंबुलेंस चलाने वाली कंपनी ने नक्सली इलाकों में एंबुलेंस न भेजने का फैसला किया है।
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108 संजीवनी एंबुलेंस के प्रभारी सुरेश कामले ने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में एंबुलेंस नहीं भेजी जाएगी। हालांकि जिला मुख्यालयों में सेवा बंद नहीं की जाएगी।

जिन इलाकों में एम्बुलेंस न भेजने का निर्णय हुआ है, उनमें सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर, नारायणपुर, जगदलपुर जैसे जिले शामिल हैं।

एंबुलेंस भी नक्सलियों के निशाने पर

वो जमाना बीत गया जब नक्सली एंबुलेंस पर हमले नहीं करते थे, अब एंबुलेंस भी नक्सलियों का शिकार बन रही हैं। कई बार नक्सली एंबुलेंस रोक कर पूछताछ करते हैं और जब मन करता है खुलवा कर भी चेक करते हैं।

अब नक्सल प्रभावित इलाकों में एंबुलेंस नहीं जाएगी, सोचिए कितने लोग इससे प्रभावित होंगे, कई लोगों को समय पर इलाज नहीं मिल पाएगा, कई लोगों की जानें भी समय पर इलाज ना मिलने के कारण जा सकती है।

सवाल ये है कि आखिर कौन है इसका जिम्मेदार? जनता को इस कदम से परेशानी होगी लेकिन मेडिकल स्टाफ खुश है।

100 चुनाव कर्मी अभी भी नहीं लौटे

बीजापुर जिले से 100 चुनावकर्मियों की टीमें अभी तक वापस नहीं लौटी हैं। समाचार एजेंसियों के मुताबिक इनमें अधिकतर टीमें वे थीं जो संवेदनशील मतदान केंद्रों पर तैनात थीं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी सुनील कुजूर के मुताबिक बाकी टीमें जिला मुख्यालयों में लौट आई हैं। सिर्फ बीजापुर जिले की एक सौ पोलिंग पार्टियां अभी नहीं लौटी हैं। इनमें से कुछ पोलिंग पार्टियां बेस कैंपों में हैं।
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20 लाख मिलेगा मुआवजा

दरभा नक्सली हमले में छह सुरक्षाकर्मियों के साथ जो दो अन्य लोग भी मारे गए थे उनको भी चुनाव ड्यूटी में मानते हुए मुआवजा देने का ऐलान किया गया है।

108 संजीवनी एंबुलेंस के ड्राइवर व टेक्नीशियन को चुनाव ड्यूटी में माना गया है। बीजापुर जिले में नक्सली हमले में शहीद मतदान कर्मचारियों के परिजनों को भी आयोग मुआवजा के रूप में इतनी ही राशि देगा।
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