युवक की मौत के बाद अस्पताल के बाहर एकत्र परिजन और अन्य लोग।
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छत्तीसगढ़ के बलरामपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को एक युवक की उपचार के दौरान हुई मौत पर हंगामा हो गया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल से सभी डॉक्टर नदारद थे। नर्स ने उनसे बाहर से दवाएं मंगवाई और खुद ही इलाज शुरू कर दिया। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने आरोप को झूठा बताया है। युवक ने गर्लफ्रेंड से झगड़ा होने पर जहर खा लिया था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। मामला रामानुजगंज थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक, बलरामपुर से सटे झारखंड के गोदारमाना गांव में साधुखुटी निवासी अरविंद कुमार का एक लड़की से लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों शुक्रवार दोपहर रामानुजगंज क्षेत्र स्थित सत्यनारायण धर्मशाला के पास किसी बात को लेकर विवाद कर रहे थे। इसके बाद अरविंद घर पहुंचा और गुस्से में जहर खा लिया। परिजनों ने उसकी तबीयत बिगड़ती देखी तो इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, यहां उपचार के दौरान अरविंद ने दम तोड़ दिया।
युवक की मौत के बाद अस्पताल में हंगामा हो गया। परिजनों का आरोप है कि जब वे अरविंद को लेकर अस्पताल पहुंचे तो वहां कोई डॉक्टर नहीं था। अस्पताल में मौजूद नर्स ने उनसे नॉर्मल डिस्टल बॉटल और नमक बाजार से मंगवाया। इसके बाद भी परिजन घंटों इलाज के लिए भटकते रहे। इसके चलते अरविंद की मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि अगर सही समय पर इलाज मिलता तो अरविंद की जान बचाई जा सकती थी। वहीं अस्पताल पहुंचे BMO ने परिजनों के आरोप को निराधार बताया है।