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खुलासा: जीतने के लिए सरपंच ने गांव की महिलाओं से खेला ये खेल

Fri, 13 Feb 2015 12:28 PM IST
आलोक प्रकाश पुतुल / बीबीसी संवाददाता
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छत्तीसगढ़ में हुए पंचायत चुनावों में नकली सिक्के और उपहार बांटने का मामला अब चुनाव ख़त्म होने के बाद सामने आया है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर से लगे हुए उसलापुर गांव की किरण बाई पिछले हफ्ते चुनी गई गांव की सरपंच संतोषी ठाकुर से बेहद नाराज हैं।
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किरण बाई आक्रोश और दुख के मिले-जुले स्वर में कहती हैं, "चुनाव प्रचार के समय संतोषी ठाकुर ने हमें वोट देने के लिए चांदी का सिक्का दिया था। अब पता चला कि जिस सिक्के के बदले हमने संतोषी बाई को सरपंच चुना, वो सिक्का तो नकली है!" चुनाव परिणाम आने के बाद चांदी के सिक्के नकली निकलने की शिकायत करने वाली महिलाओं की संख्या सैकड़ों में है।

प्रशासन ने दिए जांच के आदेश

ये महिलाएं ज‌िले के कलेक्टर के पास भी चांदी के नकली सिक्के लेकर पहुंचीं और उन्होंने मांग की कि ऐसी 'धोखेबाज' सरपंच को हटाया जाए। हालांकि सरपंच ऐसा कोई सिक्का बांटने से इंकार कर रही हैं। ज‌िले के निर्वाचन अधिकारी का कहना है कि चुनाव से पहले अगर यह शिकायत मिलती तो आचार संहिता का मामला बनता। बकौल निर्वाचन अधिकारी, "हमने इस मामले में जांच के आदेश एसडीएम को दिए हैं।

"छत्तीसगढ़ में पिछले महीने हुए पंचायत चुनाव की धूम अभी भी है। किसी गांव में सरपंच का शपथ ग्रहण हो रहा है तो कहीं पार्टी हो रही है। राज्य के मुख्य अखबारों में सरपंचों के जीतने के विज्ञापन कई-कई दिनों से कई-कई पन्नों में छाए हैं। मतलब यह कि इस बार पंचायत चुनाव में खर्च का आंकड़ा कई लाख तक पहुंच गया है।

उसलापुर में ही प्रतिद्वंदी उम्मीदवार के पति संजय रात्रे गांव के चार उम्मीदवारों की ओर से चुनाव के दौरान खर्च की गई रकम कम से कम 70 लाख रुपए बताई जाती है।
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हारे प्रत्याशी ने मतदाताओं को दी धमकी

लेकिन इन सबके बीच गांव से लेकर शहर तक शिकवा-शिकायतों का सिलसिला जारी है। बलौदा बाजार ज‌िले के लटुआ गांव में तो हारे हुए प्रत्याशी ने गाजे-बाजे के साथ जुलूस निकाला और मतदाताओं को लाउडस्पीकर पर साफ चेतावनी दी कि उनके दिए हुए उपहार और पैसे वापस लौटा दिए जाएं। ऐसा न करने पर प्रत्याशी ने मतदाताओं की 'पिटाई' का भी ऐलान किया।

कांकेर के दुर्ग कोंदल से खबर आई है कि एक पंच ओमप्रकाश दुग्गा ने चुनाव से पहले मतदाताओं को मिठाई और अपना चुनाव चिह्न फावड़ा बांटा। ओमप्रकाश ने 21 फावड़े बांटे थे लेकिन उन्हें 11 वोट मिले।

अब उन्होंने गांव के लोगों से अपना फावड़ा वापस मांगना शुरू कर दिया है। छत्तीसगढ़ इलेक्शन वॉच के संयोजक गौतम बंदोपाध्याय कहते हैं, "ये लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर करने वाली घटनाएं हैं और सरकार को इस दिशा में संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए।"

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