छत्तीसगढ़ के सक्ति जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता प्लांट में बॉयलर फटने से हुए भीषण हादसे के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। घटना के तुरंत बाद कलेक्टर अमृत विकास टोपनो और एसपी प्रफुल्ल ठाकुर मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कराया गया।
हादसे में घायल श्रमिकों को तत्काल रायगढ़ के फोर्टिस हॉस्पिटल, मेडिकल कॉलेज और अपेक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए रायपुर के कालड़ा अस्पताल रेफर किया गया है। प्रशासन ने मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए क्षेत्र को बैरिकेड कर दिया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय लगातार जिला प्रशासन के संपर्क में हैं और स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल भी घायलों के उपचार और व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं।
प्रशासन के अनुसार, इस हादसे में कुल 36 श्रमिक प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 17 की मौत हो चुकी है, जबकि 19 घायलों का इलाज जारी है। मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों से संपर्क किया जा रहा है और पोस्टमार्टम के बाद पार्थिव शरीर को उनके गृहग्राम भेजने की व्यवस्था की जा रही है।
सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है। इसके अलावा प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के लिए 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता स्वीकृत की गई है।
कंपनी प्रबंधन ने भी मृतकों के परिजनों को 35 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और रोजगार सहयोग देने की घोषणा की है, जबकि घायलों को 15 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। साथ ही, घायलों को पूर्ण रूप से स्वस्थ होने तक वेतन और काउंसलिंग सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। कलेक्टर ने बताया कि पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं और जांच टीम जल्द ही घटनास्थल का निरीक्षण करेगी। रेस्क्यू कार्य में एसडीआरएफ की टीम भी जुटी हुई है।