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कर्ज लेने में रायपुर सबसे आगे, कई जिले पीछे: बैंकिंग आंकड़ों ने खोली विकास की असल तस्वीर, पढ़े पूरी खबर

Thu, 16 Apr 2026 02:30 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर

सार

छत्तीसगढ़ की बैंकिंग व्यवस्था में पिछले 13 वर्षों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी (SLBC) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2013 से 2026 के बीच प्रदेश में कर्ज और जमा दोनों में रिकॉर्ड स्तर पर वृद्धि दर्ज की गई है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ की बैंकिंग व्यवस्था में पिछले 13 वर्षों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी (SLBC) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2013 से 2026 के बीच प्रदेश में कर्ज और जमा दोनों में रिकॉर्ड स्तर पर वृद्धि दर्ज की गई है।
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आंकड़ों के मुताबिक, जहां वर्ष 2013 में कुल 49,094 करोड़ रुपये का कर्ज वितरित किया गया था, वहीं 2026 तक यह बढ़कर 2.77 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। यानी इस अवधि में कर्ज वितरण में करीब 364 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

इसी तरह, बैंकिंग प्रणाली में लोगों का भरोसा भी बढ़ा है। वर्ष 2013 में जहां कुल जमा राशि करीब 87 हजार करोड़ रुपये थी, वह अब बढ़कर 3.18 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच चुकी है। यह संकेत देता है कि राज्य में बचत और निवेश दोनों में तेजी आई है।
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जिला स्तर पर विश्लेषण करें तो राजधानी रायपुर कर्ज वितरण में सबसे आगे है, जहां सीडी रेशियो 129 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो बताता है कि यहां जमा से ज्यादा कर्ज दिया जा रहा है। बस्तर क्षेत्र का दंतेवाड़ा भी 109 प्रतिशत से अधिक सीडी रेशियो के साथ दूसरे स्थान पर है, जो आर्थिक गतिविधियों में तेजी का संकेत है।

हालांकि, सभी जिलों की स्थिति समान नहीं है। बेमेतरा, दुर्ग और बालोद जैसे जिले मध्यम स्तर पर हैं, जबकि कोरिया और मानपुर-मोहला-अंबागढ़ चौकी जैसे जिले अभी भी बैंकिंग गतिविधियों में पीछे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि इन क्षेत्रों में बैंकिंग पहुंच, औद्योगिक विकास और आय के स्रोतों को बढ़ाने की जरूरत है।
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