छत्तीसगढ़ में किसानों के पक्ष में एक अहम फैसला सामने आया है। राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बीज कंपनी नोबेल सीड्स प्राइवेट लिमिटेड की तीनों अपीलों को खारिज कर दिया है और जिला उपभोक्ता आयोग, कबीरधाम के आदेश को बरकरार रखा है।
छत्तीसगढ़ में किसानों के पक्ष में एक अहम फैसला सामने आया है। राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बीज कंपनी नोबेल सीड्स प्राइवेट लिमिटेड की तीनों अपीलों को खारिज कर दिया है और जिला उपभोक्ता आयोग, कबीरधाम के आदेश को बरकरार रखा है।
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यह मामला कबीरधाम जिले के ग्राम बहरमुडा के तीन किसानों से जुड़ा है, जिन्होंने साल 2024 में ‘नोबेल हैप्पी 101’ फूलगोभी के बीज खरीदे थे। कंपनी ने इन बीजों से गर्मी में भी अच्छी पैदावार का दावा किया था, लेकिन खेतों में हालात इसके उलट निकले।
किसानों के मुताबिक, आधे से ज्यादा पौधों में फूल ही नहीं आए, जबकि जो फसल तैयार हुई वह भी खराब गुणवत्ता की थी और बाजार में बेचने लायक नहीं थी। शिकायत के बाद उद्यानिकी विभाग की जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर बीज में खामी की पुष्टि की।
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कंपनी ने मौसम को जिम्मेदार ठहराते हुए अपना बचाव किया, लेकिन आयोग ने इन दलीलों को सिरे से खारिज कर दिया। आयोग ने साफ कहा कि केवल अखबार की खबरों के आधार पर ओलावृष्टि का दावा साबित नहीं होता और आम किसान से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह सबूत के तौर पर बीज संभालकर रखे।
फैसले के तहत तीनों किसानों को फसल नुकसान, खर्च और मानसिक पीड़ा के एवज में लाखों रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही, तय समय में भुगतान नहीं होने पर कंपनी को ब्याज भी देना होगा।