Raipur South by election 2024: निर्वाचन आयोग ने देश के सात राज्यों की 13 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव कराये जाने की घोषणा कर दी है। सात राज्यों की 13 विधानसभा सीटों पर 10 जुलाई को मतदान कराये जाएंगे। इसके बाद 13 जुलाई को मतगणना होगी। बड़ी बात ये है कि फिलहाल छत्तीसगढ़ की एक सीट रायपुर दक्षिण विधानसभा पर चुनाव नहीं कराये जाएंगे। क्योंकि आयोग ने इस सीट पर उपचुनाव कराने के लिए तारीख का ऐलान नहीं किया है।
ऐसे में माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय चुनाव के दौरान रायपुर दक्षिण सीट पर उपचुनाव कराये जा सकते हैं। यहां से वर्तमान विधायक और उच्च शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बन गए हैं। ऐसे में अग्रवाल को 18 जून से पहले विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देना होगा। फिलहाल वो नई दिल्ली में हैं और नये कैबिनेट मंत्रियों और सांसदों से मुलाकात कर रहे हैं। वहां से लौटने के बाद वो कभी भी अपना इस्तीफा दे सकते हैं।
विधानसभा की तरह लोकसभा में भी बृजमोहन की रिकॉर्ड जीत
छत्तीसगढ़ की वीआईपी सीट रायपुर लोकसभा से रिकॉर्ड मतों से जीतने वाले सांसद बृजमोहन अग्रवाल 8 बार के विधायक हैं और वर्तमान में स्कूल शिक्षा मंत्री भी हैं। वो रायपुर लोकसभा से पहली बार चुनाव लड़े और कांग्रेस प्रत्याशी विकास उपाध्याय को पांच लाख से ज्यादा वोटों से हराया है। उनका नाम देश में सबसे ज्यादा वोटों से जीतने वाले टॉप टेन सांसदों की लिस्ट में भी शामिल है। विधानसभा चुनाव की तरह लोकसभा चुनाव 2024 में भी बृजमोहन अग्रवाल ने रिकॉर्ड जीत का परचम लहराया है। उन्होंने उपाध्याय को 5 लाख 75 हजार 285 वोटों से हराया है। बृजमोहन को कुल 10 लाख 50 हजार 351 वोट मिले हैं। वहीं विकास उपाध्याय को 4 लाख 75 हजार 66 वोट मिले हैं। इस तरह जीत का अंतर 5 लाख 75 हजार 285 रहा। कुल वोट का प्रतिशत 66.19 रहा।
8 बार के विधायक हैं बृजमोहन अग्रवाल
बीजेपी ने रायपुर लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद सुनील कुमार सोनी का टिकट काटकर उनकी जगह 8 बार के विधायक और उच्च शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को दिया था। बृजमोहन रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट से लगातार विधायकी का चुनाव जीतते आ रहे हैं। हर बार मंत्री पद पर आसीन रहे हैं। उन्हें छत्तीसगढ़ बीजेपी की राजनीति में संकटमोचन कहा जाता है। बृजमोहन अग्रवाल अविभाजित मध्य प्रदेश में पटवा सरकार में मंत्री रह चुके हैं। इसके बाद वो रमन सरकार के तीनों कार्यकाल में मंत्री रहे। एक मई 1959 को रायपुर में जन्मे बृजमोहन अग्रवाल ने एलएलबी की डिग्री ली है। मध्य प्रदेश विधानसभा में उन्हें सर्वश्रेष्ठ विधायक का पुरस्कार भी मिल चुका है। साल 1977 में बृजमोहन ने मात्र 16 साल की उम्र में ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की सदस्यता ली थी। इसके बाद वर्ष 1981 और 1982 के दौरान वे छात्रसंघ के अध्यक्ष रहे। 1984 में उन्होंने बीजेपी की सदस्यता ली। फिर 1988 से 1990 तक वे भाजयुमो के युवा मंत्री रहे। साल 1990 में पहली बार मध्य प्रदेश विधानसभा में विधायक के लिये निर्वाचित हुए। उस दौरान वो राज्य के सबसे युवा विधायक थे। इसके बाद वे लगातार साल 1993, 1998, 2003, 2008, 2013 2018 और 2023 में विधायक बने। विधानसभा चुनाव 2023 में रायपुर दक्षिण सीट से उनकी लगातार चौथी जीत थी। इससे पहले वो रायपुर शहर सीट से लगातार चार बार विधायक रहे हैं। उनके लोकसभा में जाने के बाद अब रायपुर दक्षिण सीट से उनके उत्तराधिकारी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। रायपुर दक्षिण सीट से अगले प्रत्याशी को लेकर कयासों का दौर शुरू हो चुका है।
बृजमोहन को चुनाव प्रबंधन में महारत
राजनीतिक पंडितों की मानें तो बृजमोहन को चुनाव प्रबंधन में महारत हासिल है। इस वजह से प्रदेश में होने वाले अधिकांश चुनावों में पार्टी बृजमोहन को जिम्मेदारी सौंप चुकी है। इसी प्रबंधन के दम पर उन्होंने रायपुर सीट को बीजेपी का गढ़ बना दिया। ऐसे में माना जा रहा है कि रायपुर दक्षिण सीट से जो भी उप चुनाव लड़ेगा उसकी जीत तय है। इसकी बड़ी वजह रायपुर दक्षिण सीट बीजेपी का अमेद्य किला है। विधानसभा क्षेत्र में बृजमोहन का प्रभाव है। दूसरी बात राज्य में भी बीजेपी की सरकार है। ऐसे में माना जा रहा है कि इस उपचुनाव में बीजेपी जिसे भी टिकट देगी वह विधायक बन जायेगा। यही बड़ी वजह है कि बीजेपी में इस सीट के लिए दावेदारों की लंबी लाइन लगी हुई है।
रायपुर दक्षिण सीट से दो प्रमुख दावेदार
दो प्रमुख दावेदारों में सबसे मजबूत नाम पार्टी के प्रदेश महामंत्री संजय श्रीवास्तव और प्रदेश के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री रह चुके प्रेम प्रकाश पांडेय का नाम चल रहा है। श्रीवास्तव भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। 2003 के विधानसभा चुनाव में रायपुर ग्रामीण सीट से सुनील सोनी के साथ श्रीवास्तव का नाम भी सबसे आगे चल रहा था, लेकिन स्व. लखीराम अग्रवाल के हस्तक्षेप के बाद राजेश मूणत को प्रत्याशी बना दिया गया। श्रीवास्वत मेयर पद के दावेदार थे, लेकिन उन्हें सभापित पद से संतोष करना पड़ा। वो रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। कई बार रायपुर उत्तर सीट से श्रीवास्तव का नाम चर्चा में रहा पर उन्हें टिकट नहीं मिल सका। विधानसभा चुनाव 2023 में उन्हें सरगुजा संभाग का प्रभारी बनाया गया था, जहां पार्टी ने सभी 14 सीटों पर जीत का परचम लहराया। इस वजह से उनका कद बढ़ा हुआ है।
बात प्रेम प्रकाश पांडेय की करें तो उनका नाम चौंकाने वाला है। बृजमोहन और पांडेय की दोस्ती किसी से छुपी नहीं है। वो बृजमोहन के साथ दिल्ली भी गए हुए हैं। पांडेय लगातार दो विधानसभा चुनाव भिलाई नगर सीट से हार रहे हैं। इसके बाद भी उन्हें रायपुर दक्षिण सीट से दावेदार माना जा रहा है। यदि बृजमोहन उनके जीत की गारंटी लें तो पार्टी उन्हें यहां से टिकट दे सकती है।