फिंगरप्रिंट मैच न होने पर भी मिलेगा राशन
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सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत बायोमीट्रिक मशीन पर फिंगरप्रिंट का मिलान न होने की स्थिति में भी पात्र हितग्राहियों को राशन मिलेगा। खाद्य विभाग ने इस संबंध में भ्रम की स्थिति दूर करते हुए स्थिति स्पष्ट कर दी है। रायपुर जिले के खाद्य नियंत्रक के अनुसार केवल उंगलियों के निशान मैच न होने के आधार पर किसी भी राशन कार्ड धारक को सामग्री देने से इनकार नहीं किया जा सकता।
विभाग ने बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण में आने वाली तकनीकी समस्याओं से निपटने के लिए दो प्रमुख वैकल्पिक रास्ते तय किए हैं। इसके तहत पात्र लाभार्थी अपने नामांकित व्यक्ति अर्थात नॉमिनी के माध्यम से या फिर मोबाइल पर आने वाले ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण के जरिये अपना राशन प्राप्त कर सकते हैं। इस व्यवस्था से राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बनी रहेगी और कोई भी जरूरतमंद खाद्यान्न से वंचित नहीं रहेगा।
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वैकल्पिक व्यवस्था का प्रावधान
सार्वजनिक वितरण प्रणाली में यह प्रावधान पहले से मौजूद है कि यदि तकनीकी कारणों से बायोमीट्रिक मशीन किसी व्यक्ति की पहचान सत्यापित नहीं कर पाती तो वैकल्पिक माध्यमों का उपयोग किया जाएगा। खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि राशन दुकानों पर तैनात कर्मचारी इन नियमों का पालन सुनिश्चित करेंगे। बायोमीट्रिक विफलता को राशन न देने का आधार बनाना नियमों के विरुद्ध है और पात्र लोगों को नियमानुसार राशन उपलब्ध कराया जाएगा।
बुजुर्गों को मिलेगी राहत
बढ़ती उम्र के साथ कई बुजुर्ग नागरिकों की उंगलियों के निशान बायोमीट्रिक मशीन में आसानी से दर्ज नहीं हो पाते। कुछ अन्य हितग्राहियों को भी शारीरिक या तकनीकी कारणों से ऐसी समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे सभी मामलों में नॉमिनी व्यवस्था और ओटीपी प्रमाणीकरण बेहद मददगार साबित होगा।
खाद्य विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे फिंगरप्रिंट न मिलने पर राशन न मिलने जैसी भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें। विभाग ने सभी पात्र हितग्राहियों को इन आधिकारिक विकल्पों की सही जानकारी रखने की सलाह दी है, ताकि दुकान पर किसी भी प्रकार की असुविधा या भ्रम की स्थिति न बने।