छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में नवदुर्गा फ्यूल प्रा.लि. के साथ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कंपनी प्रबंधन ने आरोप लगाया है कि इथेनॉल प्लांट के लिए जरूरी ग्रेन स्टोरेज साइलो की खरीद में सप्लायर कंपनी ने छल किया। रकम लेने के बावजूद सामान नहीं भेजा गया, जिसके बाद पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह मामला पूंजीपथरा थाना क्षेत्र का है। नवदुर्गा फ्यूल प्रा.लि. के प्रबंधक राकेश प्रकाश पाण्डेय ने पूंजीपथरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उनकी कंपनी वर्ष 2024 में 100 केएलपीडी ग्रेन बेस्ड इथेनॉल प्लांट स्थापित कर रही थी। इसके लिए 75 हजार मीट्रिक टन क्षमता वाले ग्रेन स्टोरेज साइलो की आवश्यकता थी।
कंपनी ने दिल्ली की बेन एंड गॉस प्राइवेट लिमिटेड से संपर्क किया। हरियाणा स्थित कार्यालय के माध्यम से सौदा तय हुआ। 20 अप्रैल 2024 को लगभग 3.50 करोड़ रुपये का क्रय आदेश जारी किया गया। अलग-अलग तारीखों में आरटीजीएस से करीब 2 करोड़ 17 लाख 55 हजार 265 रुपये का भुगतान किया गया।
धोखाधड़ी का तरीका
भुगतान के बदले लगभग 68 लाख 90 हजार 400 रुपये का ही सामान भेजा गया। शेष सामग्री भेजने के नाम पर कथित तौर पर फर्जी इनवॉइस और डिस्पैच दस्तावेज दिए गए। बेन एंड गॉस के संचालक द्विपायन दत्ता ने दो माह में सामग्री उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। हालांकि, वह टालमटोल करता रहा और फर्जी दस्तावेज भेजता रहा।
चेक बाउंस और पुलिस कार्रवाई
सामान नहीं पहुंचने पर कंपनी प्रतिनिधियों ने हरियाणा जाकर संपर्क किया। वहां भुगतान वापसी के लिए लगभग 1 करोड़ 48 लाख 44 हजार 160 रुपये का चेक दिया गया। यह चेक 26 मार्च को बैंक में लगाने पर पर्याप्त राशि न होने के कारण बाउंस हो गया। इस प्रकार कंपनी के साथ 1 करोड़ 44 लाख 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी हुई। पूंजीपथरा पुलिस ने द्विपायन दत्ता के खिलाफ धारा 318 (4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच में लिया है।