Chhattisgarh Political News: राधिका खेड़ा ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। इस बीच अमर उजाला को दिये इंटरव्यू में उन्होंने कई सनसनीखेज आरोप लगाये हैं, जिससे कांग्रेस में हड़कंप मच गया है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में खलबली मची हुई है। राधिका खेड़ा ने आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संचार विभाग के चेयरमैन सुशील आनंद शुक्ला ने अपने दो साथियों के साथ रायपुर के पार्टी ऑफिस में उनके साथ अभद्रता करने की कोशिश की। जब उन्होंने इसके बारे में पार्टी के शीर्ष नेताओं को जानकारी दी, तब आरोपी नेताओं के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की गई। यहां तक कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और जयराम रमेश तक सबको इस आपत्तिजनक घटना के बारे में बताया गया, लेकिन आरोपी नेताओं पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद हताश होकर उन्होंने कांग्रेस पार्टी को अलविदा कह दिया।
प्रियंका गांधी के नारे 'लड़की हूं लड़ सकती हूं'पर कहा कि यह तो सबसे बड़ा दुर्भाग्य है। लड़की हूं, लड़ सकती हूं का नारा देना आसान था, लेकिन जब अपनी ही पार्टी की एक नेता के लिए लड़ने की बात आई, उसे न्याय दिलाने की बात आई तो प्रियंका जी ने कुछ नहीं किया। जब सीधी बात नहीं बनी, तब मैंने ट्वीट कर प्रियंका गांधी से न्याय मांगा। तब उनसे कुछ पूछताछ की बात कही गई थी, लेकिन हुआ कुछ भी नहीं।
'होटल का नाम पूछा और शराब का दिया ऑफर'
राधिका खेड़ा ने बताया कि जब राहुल गांधी जी भारत जोड़ो न्याय यात्रा निकाल रहे थे, मैं छत्तीसगढ़ में यात्रा की प्रभारी थी। उसी समय से मेरे साथ अभद्रता करने की कोशिश की गई थी। भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान मैं कोरबा में जिस होटल में ठहरी थी, सुशील आनंद शुक्ला मुझसे यह जानने की कोशिश करता था कि मैं होटल के किस कमरे में रुकी हुई हूं। मुझे शराब ऑफर की जाती थी। यह पूछा जाता था कि किस कमरे में रुकी हुई हूं और मुझे कौन सी शराब भेज दी जाए। इस घटना की दो लड़कियां गवाह भी हैं। लेकिन यह बेहद अपमानजनक और शर्मनाक था। इसके बारे में उस समय भी मैंने अपनी पार्टी के बड़े नेताओं को जानकारी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लेकिन समझदारी बरतते हुए मैं उन नेताओं से दूरी बरत रही थी।
जानिये छत्तीसगढ़ कांग्रेस कार्यालय में क्या हुआ था राधिका के साथ
उन्होंने साक्षात्कार में बताया कि यह बात 30 अप्रैल की है। शाम को लगभग छह बज रहे थे। मैं पार्टी ऑफिस में कुछ काम कर रही थी। उसी समय छत्तीसगढ़ कांग्रेस का प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला अपने दो साथियों - नितिन भंसाली और सुरेंद्र वर्मा - के साथ कमरे में आया। ये दोनों लोग भी छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रवक्ता हैं। इसके एक साथी ने कमरा पीछे से बंद कर लिया। कमरा किसने बंद किया, यह मैं नहीं देख पाई, लेकिन कमरा बंद होने की आवाज सुनते ही मैंने अपना फोन निकाल लिया और कैमरा चालू कर दिया। मैंने चिल्लाना शुरू कर दिया। इसके बाद बाहर निकलकर मैंने इस घटना की जानकारी सबको दी। लेकिन किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की। जब इस घटना के छह दिन बीत जाने के बाद भी ऐसे अपराधियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, मैंने कांग्रेस छोड़ने का फैसला कर लिया।
कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को बताया फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
मैंने हर बड़े नेता को इस घटना के बारे में बताया और कार्रवाई करने की मांग की थी। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, जयराम रमेश, पवन खेड़ा जैसे हर नेता से मैंने अपनी बात रखी। लेकिन किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की। यहां तक कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी सचिन पायलट से भी बात की, लेकिन किसी नेता ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्हें एक नोटिस तक नहीं दिया गया। पूरी पार्टी में केवल पवन खेड़ा एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने इस पर कार्रवाई करने की बात कही थी। इस घटना की जानकारी होने के बाद केवल उन्हीं का फोन मेरे पास आया था। लेकिन उनके हाथ में ज्यादा कुछ नहीं है। इसलिए वे चाहकर भी कुछ नहीं कर पाए।
' पूर्व सीएम भूपेश बघेल के खास आदमी हैं सुशील आनंद शुक्ला'
खेड़ा ने कहा कि सुशील आनंद शुक्ला भूपेश बघेल के आदमी माने जाते हैं। उन्होंने ही सुशील आनंद शुक्ला को आगे बढ़ाया है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में भूपेश बघेल ही सबसे ताकतवर आदमी हैं। यही कारण है कि सुशील आनंद शुक्ला के खिलाफ कोई कुछ नहीं बोला। मैंने खुद भूपेश बघेल को भी इसके बारे में पूरी जानकारी दी थी। पूरी शिकायत लिखकर देने के लिए तैयार थी। लेकिन मेरी बात नहीं सुनी गई। किसी ने उन अपराधियों के खिलाफ कुछ नहीं किया। दुर्भाग्य देखिए, इस घटना के बाद मेरे साथ न्याय होने की बात कौन कहे, उलटे मुझे ही परेशान किया जाने लगा। यहां तक कि मुझे मीडिया में बहस करने से जाने से भी रोका जाने लगा।
'ऐसे अपराधियों को खुले नहीं घूमने दूंगी'
इस मामले में आगे की कार्रवाई पर कहा कि यह मेरे आत्मसम्मान का विषय है। मैं ऐसे अपराधियों को खुले नहीं घूमने दूंगी। लेकिन अपने करीबियों से बात करके जल्द ही इस पर निर्णय लूंगी। आपको जल्द ही सब कुछ पता चल जाएगा।
राष्ट्रीय कांग्रेस कार्यालय में भी महिलाओं के साथ अभद्रता, एक को जमकर पीटा
अन्य कांग्रेस नेत्रियों के प्रताड़ना के सवाल पर कहा कि मैंने कांग्रेस के राष्ट्रीय कार्यालय में महिलाओं के साथ अभद्रता होते हुए देखा है। जो लड़कियां प्रियंका गांधी के लिए काम कर रही थीं, उनमें से एक को पार्टी कार्यालय में पीटा गया था। उस लड़की को पीटने वालों में कांग्रेस में महत्त्वपूर्ण पद पर काम करने वाला संदीप सिंह भी शामिल है। लेकिन बड़े नेताओं का हाथ होने के कारण उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। इसी प्रकार प्रियंका चतुर्वेदी, अंकिता दत्ता और अर्चना गौतम जैसी कई महिलाओं के साथ कांग्रेस पार्टी के अंदर अभद्रता हो रही है और कोई कुछ नहीं बोल रहा है। आप सोचिए कि कांग्रेस के नेता अंजन दत्ता की बेटी अंकिता दत्ता के साथ इसी समय कांग्रेस का नेता श्रीनिवास बदतमीजी करता है, लेकिन इसके बाद भी उसका कोई बाल बांका नहीं हुआ। उलटे अंकिता को ही माफी मांगने के लिए कह दिया गया था। यह बेहद अपमानजनक है।
पूर्व सीएम भूपेश ने टिप्पणी करने से किया इंकार
इस मामले में जब अमर उजाला ने पूर्व सीएम भूपेश बघेल से संपर्क किया तो उन्होंने इस विवाद मामले में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
'चरित्र हनन की कोशिश'
वहीं इस मामले में सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि उनके सभी आरोप बेबुनियाद हैं। वो मेरा चरित्र हनन की कोशिश कर रही हैं। विवाद ऑफिस में हुआ था न की कमरे में। उनके सभी आरोप मनगढ़त हैं।