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आरक्षण बिल पर पोस्टर वॉर: रायपुर में लगे बोर्ड-बैनर, 'भाजपा कार्यालय की फोटो लगा लिखा-राजभवन संचालन केंद्र'

Sun, 01 Jan 2023 08:33 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर

सार

सूत्र बता रहे हैं कि राज्य सरकार और कांग्रेस अभी यह मान कर चल रही है यह मामला तो विधानसभा और राजभवन के बीच का है। सरकार का कोई लेना-देना नहीं। फिर राजभवन हस्ताक्षर करती है या लंबे समय तक पेंडिंग रखती है, वह जाने। 
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रायपुर में लगे पोस्टर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ में आरक्षण संशोधित विधेयक का मामला गरमाता जा रहा है। बात अब जुबानी जंग से निकलकर सड़क पर आ गई है। राजधानी रायपुर की सड़कों पर बोर्ड और होर्डिंग लगाकर नया पोस्टर वॉर शुरू हो गया है। इस पोस्टर में किसी पार्टी का नाम नहीं है, लेकिन यह दर्शाया गया है कि राज भवन का संचालन अस्थाई रूप से भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में स्थानांतरण कर दिया गया है। 

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शहर में कई जगहों पर लगाए गए पोस्टर
ऐसा ही एक पोस्टर भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय एकात्म परिसर के पास लगाया गया है। इस पर लिखा है राजभवन संचालन केंद्र इधर है। बकायदा तीर का निशान बनाकर उसे दर्शाया गया है। तेलीबांधा चौराहे पर भी एक ऐसा ही बड़ा पोस्टर लगाया गया है । जिसमें एकात्म परिसर को राजभवन संचालन केंद्र बताया गया है। इसके अलावा प्रमुख सड़कों पर खंभों पर छोटे-छोटे पोस्टर लगाए गए हैं।
 

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एक माह से राजभवन में अटका है विधेयक
दरअसल, कांग्रेस तीन जनवरी यानी मंगलवार को राजभवन में करीब एक माह से अटके हुए आरक्षण विधेयक को लेकर प्रदर्शन करने जा रही है। यह प्रदर्शन रायपुर में होने वाला है। सभी समाज प्रमुखों से प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने राजीव भवन शंकर नगर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालय में चर्चा कर आरक्षण बिल को राजभवन में रुकने का कारण बताते हुए भाजपा को दोषी करार दिया है। 

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कांग्रेस चुनावी मोड में
सूत्र बता रहे हैं कि राज्य सरकार और कांग्रेस अभी यह मान कर चल रही है यह मामला तो विधानसभा और राजभवन के बीच का है। सरकार का कोई लेना-देना नहीं। फिर राजभवन हस्ताक्षर करती है या लंबे समय तक पेंडिंग रखती है, वह जाने। अब सरकार को भी कोई चिंता नहीं है ऐसा प्रतीत होता है। कांग्रेस सरकार और कांग्रेस पार्टी चुनावी मोड की रणनीति बनाने में व्यस्त हो गए हैं। 

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सीएम ने कहा था- राजभवन का विधिक सलाहकार एकात्म परिसर में बैठता है
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि राज्यपाल भाजपा नेताओं के दबाव में हैं। राजभवन का विधिक सलाहकार एकात्म परिसर में बैठता है। उन्होंने पूर्व सीएम रमन सिंह के दिए बयान का जिक्र किया कि 'मुख्यमंत्री की इच्छा से तैयार किए गए बिल पर राज्यपाल हस्ताक्षर नहीं कर सकती'। इसे लेकर सीएम बघेल ने कहा था कि बिल विभाग तैयार करता है। कैबिनेट में प्रस्तुत होता है। फिर एडवाइजरी कमेटी के सामने जाता है। 

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