फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CG: देशी और विदेशी मदिरा परिवहन के टेंडर में गड़बड़ी का आरोप, बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर

Thu, 04 Jul 2024 05:47 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर

सार

देशी और विदेशी मदिरा परिवहन के टेंडर में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। जस्टिस पीपी साहू की सिंगल बेंच ने छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड,साईं राम इंटरप्राइजेज और साई उद्योग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
विज्ञापन
बिलासपुर हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा 16 फरवरी 2024 को देशी और विदेशी मदिरा गोडाउन से राज्य के विभिन्न रिटेल दुकानों तक पहुंचाने के लिए निविदा जारी की गई थी। निविदा के अनुसार राज्य को 12 जोन में बांटा गया था। साथ ही निविदा की शर्तों में ये बताया गया था एक आवेदक अलग-अलग जोन में भाग ले सकता है, लेकिन अधिकतम दो जोन में ही चयन के लिए पात्र हैं। 

विज्ञापन


इसके साथ ही निविदा की शर्तों के अनुसार अगर एक ही परिवार के दो लोग अलग-अलग रूप से निविदा में भाग लेते हैं तो उन सभी को अपात्र घोषित कर दिया जाएगा। याचिकाकर्ता सिंह एंड कंपनी द्वारा प्रोपराइटर रणधीर कुमार सिंह ने तीन जोन, जोन-1 (रायपुर), जोन-4 (उत्तर बस्तर कांकेर, कोंडागांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बालोद व नारायणपुर) व जोन-6 (धमतरी, बस्तर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बीजापुर व सुकमा) की टेंडर प्रक्रिया में भाग लिया था। 

निजी प्रतिवादी साई राम एंटरप्राइज ने भी जोन-1, जोन-4 व जोन-6 की निविदा में भाग लिया। वहीं, साई उद्योग द्वारा जोन-5 (बिलासपुर) में भाग लिया गया। दोनों निजी प्रतिवादी एक ही परिवार के सदस्य हैं। इसी कारण मार्केटिंग कॉर्पोरेशन द्वारा साई उद्योग का आवेदन निरस्त कर दिया गया, लेकिन साईं राम इंटरप्राइजेज को विधि के खिलाफ जोन-1 व जोन-6 की निविदा अवॉर्ड कर दी गई।
विज्ञापन


याचिकाकर्ता जो कि जोन-1 व जोन-6 में दूसरे स्थान का पात्र आवेदक था, प्रतिवादी मार्केटिंग कॉर्पोरेशन के इस निर्णय के कारण निविदा से वंचित रह गया। इस पर सिंह एंड कंपनी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की और निविदा आवंटन में हुई गड़बड़ी और गलत तरीके से अपात्र कंपनी के पक्ष में जारी निविदा के आदेश को निरस्त करने की मांग की।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें