आरोपी शातिर चपरासी का नाम श्याम वैष्णव दास है। उसने सभी को आदिवासी विकास विभाग में काम दिलाने की बात कही थी। उसने लोगों से 70 हजार से ज्यादा रुपये तक ले लिए लेकिन नौकरी नहीं लगवाई।
सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी के रोज नए मामले सामने आते हैं। ऐसा ही एक मामला छत्तीसगढ़ से सामने आया है यहां एक चपरासी ने सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर 75 लोगों से ठगी कर डाली। इस ठगी में चपरासी के साथ एक स्कूल का क्लर्क भी शामिल है। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
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75 लोगों की सरकरी नौकरी लगवाने का ठेका लिया था
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आरोपी चपरासी ने क्लर्क के साथ मिलकर 75 लोगों की सरकारी नौकरी लगवाने का ठेका लिया था। दोनों ने सभी से 70 हजार से 1 लाख रुपये तक ले लिए। जब लोगों के पैसे देने के बाद काफी दिनों तक कोई नौकरी की खबर नहीं आई तो उनको शक हुआ। नौकरी के लिए लोग उनके चक्कर लगाने लगे। इसके बाद भी कुछ संतुष्ट कर देने वाला जवाब नहीं मिला।
70 हजार से ज्यादा रुपये तक वसूले
जब लोगों को चपरासी द्वारा ठगने का एहसास हुआ तो सभी पुलिस थाने पहुंचे वहां उन्होंने अपनी सारी कहानी बताई। पुलिस ने अपनी छानबीन में पाया कि आरोपी शातिर चपरासी का नाम श्याम वैष्णव दास है। उसने सभी को आदिवासी विकास विभाग में काम दिलाने की बात कही थी। उसने लोगों से 70 हजार से ज्यादा रुपये तक ले लिए लेकिन नौकरी नहीं लगी।
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आरोपी चपरासी सस्पेंड
आरोपी को पैसे देने वालों ने विभाग के अधिकारियों से मामले की शिकायत की है और पैसे के लेनदेन के प्रमाण भी दिए हैं। इसके बाद विभाग की ओर से आरोपी चपरासी के खिलाफ मरवाही पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत के बाद विभाग ने आरोपी चपरासी को सस्पेंड कर दिया है।