सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भोपालपटनम की हालत इन दिनों बेहद खराब हो चुकी है। लाइट गुल होने के बाद अस्पताल मे उपचार मोबाइल टॉर्च के जरिये किया जा रहा है। वहीं, लेबर रूम मे स्टॉफ नर्स मोबाइल टॉर्च के जरिये प्रसव करवा रही हैं।
अस्पताल में दो बड़े जनरेटर रखे हुए हैं वो तकरीबन दो साल से खराब हैं और सोलर पैनल तो लगा हुआ है, लेकिन वह अधिकतर खराब रहता है। अस्पताल मे बिजली बाधित होने के बाद परेशानी निर्मित होती है। कभी-कभी तो पूरी रात बिजली गुल हो जाती है। ऐसे में जब मरीजों का इलाज और प्रसव का समय आता है तो स्वास्थ्यकर्मियों को अपने मोबाइल टॉर्च या मोमबत्ती की रोशनी के सहारे चिकित्सा संबंधी सेवाएं देनी पड़ती हैं।
विज्ञापन
यहां पदस्थ बीएमओ व्यवस्था सुधार में थोड़ी भी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। इसका सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं और ग्रामीणों के उपचार पर पड़ रहा है। भोपालपटनम के इतने बड़े घनत्व वाले इलाके मे मौजूद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में यह हालत है तो अंदरूनी जगह में क्या होगा। इसका सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है।
जनरेटर के आभाव मे वैक्सीन हो रही खराब
भोपालपटनम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बिजली जाने के बाद अस्पताल में पूरा अंधेरा सा छा जाता है। वहां लगे फ्रिजरों मे टिटनेस, बच्चों को लगने वाली वैक्सीन भी खराब हो रही है। वैक्सीन को ठंडी जगह फ्रिज में रखना होता हैं। भोपालपटनम में बिजली की सबसे ज्यादा परेशानी है। आए दिन यहां बिजली घंटो बाधित रहती है। प्रबंधक की लापरवाही कि वजह से कई काम पिछड़ते जा रहे हैं।
विज्ञापन
दो जनरेटर दो साल से खराब
सीएचसी भोपालपटनम मे पहले से दो जनरेटर लगे हुए हैं। दोनों तक़रीबन दो साल से ख़राब हैं और सौर ऊर्जा भी बंद पड़ा हुआ हैं । कलेक्टर ने 28 जून को भोपालपटनम दौरा किया था, लाइट की समस्या को देखते हुए उन्होंने तत्काल नया जनरेटर भेजवा दिया। लेकिन उसे इनस्टॉल करवाने के लिए प्रबंधन के पास समय नहीं हैं। तकरीबन एक महीने से जनरेटर आकर बाहर पानी मे भीग रहा है। प्रबंधन की लापरवाही का खामियाजा मरीजों को उठाना पड़ रहा है। बीएमओ डॉ. चलपति राव ने बताया कि नया जनरेटर आया है। उसको इनस्टॉल करने के लिए सीएमएचओ को सूचना दी जा चुकी है।