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Balrampur Ramanujganj: कलेक्टर की पहल पर मजदूर के शव को भेजा गया एमपी, सड़क हादसे में हुई थी मौत

Tue, 03 Dec 2024 06:24 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर, छत्तीसगढ़

सार

बलरामपुर रामानुजगंज में रोजी-रोटी के तलाश में आठ माह पूर्व युवक मध्य प्रदेश से रामानुजगंज में अपने रिश्तेदार के यहां आया था जो मेहनत मजदूरी करके अपने तीन मासूम बच्चों एवं पत्नी का पालन पोषण कर रहा था।
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एमपी भेजा गया मजदूर का शव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बलरामपुर रामानुजगंज में रोजी-रोटी के तलाश में आठ माह पूर्व युवक मध्य प्रदेश से रामानुजगंज में अपने रिश्तेदार के यहां आया था जो मेहनत मजदूरी करके अपने तीन मासूम बच्चों एवं पत्नी का पालन पोषण कर रहा था। रविवार को उसका तबीयत ठीक नहीं था। रविवार को छुट्टी रहता है परंतु उसके बाद भी वह अपने बच्चों के लिए काम करने गया था। शाम को जब वह काम करके वापस आ रहा था तो तबीयत ठीक नहीं लगा तो सड़क किनारे बैठ गया था इसी दौरान स्कॉर्पियो के चपेट में आ जाने से उसकी मौत हो। रविवार को हुई घटना के बाद सोमवार को शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका वही आज शव का पोस्टमार्टम हुआ। मृतक के परिवार जनों की ऐसी स्थिति नहीं थी कि शव को वे क्रिया कर्म के लिए अपने गांव ले जा सकें। कलेक्टर राजेंद्र कुमार कटारा के पहल पर शव को मध्य प्रदेश भेजने की व्यवस्था बनाई गई।

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गौरतलब है कि बिहारी लाल अहिरवार उम्र 38 वर्ष जो ग्राम कोडयला जिला छतरपुर मध्य प्रदेश का रहने वाला है।वह यहां अपने साढू के यहां रहकर काम करता था। रविवार को तबीयत खराब होने के बाद भी वह काम करने गया था काम करके वापस लौट के दौरान जब तबीयत थोड़ा ठीक नहीं लगा तो रिंग रोड में मुर्गा दुकान के आगे वह सड़क किनारे बैठा था परंतु रविवार की शाम तेज रफ्तार स्कॉर्पियो के चपेट में आ गया जिससे उसकी मृत्यु हो गई। रविवार के शाम को घटना होने के बाद भी सोमवार को पोस्टमार्टम नहीं हो पाया था। आज शव का पोस्टमार्टम हुवा।


कलेक्टर की पहल पर शव भेजा गया मध्यप्रदेश
आज जब शव का पोस्टमार्टम करने के बाद दूसरे प्रदेश में शव भेजने से स्वास्थ्य विभाग के द्वारा हाथ खड़े कर दिए गए तो मृतक के परिजनों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई उनकी ऐसी आर्थिक स्थिति नहीं थी कि वह शव को मध्य प्रदेश ले जा सके इस बीच कलेक्टर को जानकारी दी गई तो तात्कालिक उनकी पहल पर शव को मध्य प्रदेश भेजा गया।

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'मां पापा को घर ले चलो'
मृतक बिहारी लाल के 11 वर्षीय पुत्र अभिषेक 5 वर्षीय पुत्री सपना कुमारी एवं 3 वर्षीय पुत्री अनुष्का कुमारी है घटना के बाद सभी का रो-रोकर बोला हाल था सोमवार 5 वर्षीय पुत्री कहते रही मां पापा सो रहे हैं इनका घर ले चलो वहां इलाज कराएगे उसे क्या पता निष्ठुर सिस्टम तक उसके रोने की आवाज नहीं पहुंचेंगे।

नगर वासियों ने भी दिखलाई संवेदनशीलता
आज जब शव के पोस्टमार्टम नहीं होने एवं शव के मृतक के गृह ग्राम नहीं भेजे जाने की सूचना मिली तो बड़ी संख्या में लोग 100 बिस्तर अस्पताल पहुंचना प्रारंभ हो गए थे। इस बीच नगर वासियों ने संवेदनशीलता दिखलाते हुए जन सहयोग से 20 हजार रुपय पूर्व नगर पंचायत उपाध्यक्ष शैलेश गुप्ता सहित अन्य लोगों के द्वारा प्रदान किए गए।

 

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