राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने जम्मू कश्मीर और छत्तीसगढ़ के अधिकारियों को नोटिस जारी कर छुड़ाए गए बंधुआ मजदूरों के पुनर्वास समेत कई जानकारियां मांगी हैं।
एनएचआरसी ने 28 और 29 दिसंबर को साम्बा और रियासी में दो ईंट भट्टों से बचाए गए 98 बंधुआ मजदूरों को पहुंचाई गई राहत, रिहाई प्रमाणपत्र और पुनर्वास के संबंध में नोटिस जारी किया है। एनएचआरसी ने अपने डीजी (आई) से भी इस मामले की जांच के लिए कहा है।
गौरतलब है कि
जम्मू-कश्मीर के साम्बा और रियासी में स्थित दो ईंट भट्टों में
छत्तीसगढ़ से लाए गए मजदूरों से बंधुआ मजदूरी कराई जा रही थी। घटना के खुलासे के पुलिस ने बंधुआ मजदूरों को छुड़ाया। मुक्त करवाए गए सत्तर लोगों में काफी संख्या में महिलाएं तथा बच्चे भी शामिल थे।
सभी छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों के रहने वाले हैं। छानबीन में पता चला कि इन मजदूरों को काम के बदले केवल खाना दिया जाता था। क्योंकि मजदूरी के नाम पर ठेकेदार ने मोटी रकम ले रखी थी। जिसके बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले का संज्ञान लिया और इन मजदूरों के पुनर्वास के लिए राज्य सरकारों को निर्देश दिया था।