नैला के वार्ड-25 स्थित मैदान में जब कचरा ज्यादा होता है तो आग लगा देते हैं।
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छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा का शांति नगर कचरे के चलते अशांत है। नैला के वार्ड-25 में खाली पड़े मैदान को कचरा डंपिंग यार्ड बना दिया गया है। शहर का कचरा हो या फिर मरे हुए जानवर, सब यहीं फेंके जा रहे हैं। जब कचरा बढ़ता है तो नगर पालिक के कर्मचारी उसमें आग लगा देते हैं। जिसके चलते बदबू और धुएं से लोग परेशान हैं। खास बात यह है कि क्षेत्र में बच्चों के खेलने के लिए कोई मैदान नहीं है, लेकिन जब कोई बड़ा नेता आता है, तो इसे साफ जरूर कर दिया जाता है। लोगों ने शिकायत भी की, पर कोई फायदा नहीं हुआ।
दरअसल, नगर पालिका के वार्ड- 25 शांति नगर के खाली मैदान में पिछले 15 से 20 सालों से शहर का कचरा डंप किया जा रहा है। यहां आसपास शासकीय दफ्तर और कॉलेज है। इसके बावजूद कचरे का निपटारा नहीं किया जाता। इसके चलते वार्ड में रहने वालों के साथ ही आसपास के इलाके के लोग भी परेशान हैं। कई बार वार्ड के लोग इसे लेकर विरोध भी जता चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि, नगर पालिका अध्यक्ष, सीएमओ को समस्या से अवगत कराया गया है, पर कचरे को हटाने के लिए कुछ नहीं हुआ।
स्थानीय निवासी गोपाल कुमार ने बताया की शहर के बड़े होटलों, घर से निकलने वाले कचरे को नगर पालिका के कर्मचारी लेकर आते हैं। फिर उसे इसी मैदान में डंप कर दिया जाता है। साथ ही कोई मवेशी भी मरता है तो उसे भी इसी कचरे में फेक दिया जाता है। कचरे से निकलने वाली बदबू से हमें बीमारी भी हो रही है। छोटे-छोटे बच्चे भी हैं, जिन्हें सांस लेने में काफी परेशानियां हो रही हैं। संक्रमण फैलने का भी खतरा है। वहीं बच्चो के खेलने के लिए मैदान भी नहीं है। कोई बड़े नेता आते हैं तभी खाना पूर्ति के लिए कचरे को हटाया जाता है।