छत्तीसगढ़ की राजधानी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां बलात्कार की शिकार किशोरी को कहीं भी न्याय नहीं मिला तो उसने दर्दनाक तरीके से अपनी जिंदगी को खत्म कर लिया।
किशोरी ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उसे दुत्कार कर भगा दिया। जिसके बाद छात्रा ने जहर पीकर घर की छत से छलांग लगा दी। लहूलुहान हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार छत्तीसगढ़ के रायपुर में ततीबंध क्षेत्र में किशोरी अपने परिवार के साथ रहती थी। कुछ दिन पहले ही उसका परिवार यूपी के हमरीपुर से काम की तलाश में यहां आया था।
काम दिलवाने के बहाने पडोसन ने कर दिया था सौदा
बताया जाता है कि किशोरी उस समय गायब हो गई थी जब उसकी पडोसन पूनम उसे काम दिलवाने के बहाने अपने साथ ले गई। लेकिन 24 घंटे बाद लौटी किशोरी ने यह कहकर सनसनी मचा दी कि पडोसन पूनम ने उसे एक व्यक्ति को मात्र 5 हजार रुपए में बेच दिया था, जिसने उससे बलात्कार किया।
किशोरी ने मामले की शिकायत पुलिस में की थी, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। इससे पहले जब वह गायब हुई थी परिजनों ने इसकी शिकायत भी पुलिस से की थी लेकिन पुलिस ने इस पर भी ध्यान नहीं दिया।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने थोड़ा इंतजार करने की बात कहते हुए कहा कि यह आम बात है जवान लड़के लड़कियां एक दो दिन के लिए अक्सर घर से गायब हो जाते हैं। ततीबंध निवासी नियाज खान ने बताया कि जब बीते गुरुवार को किशोरी 24 घंटे बाद अपने घर लौटी तो उसके बड़े भाई ने उसकी पिटाई की थी।
पुलिस ने बदनामी का डर दिखाकर नहीं दर्ज किया था मुकदमा
लेकिन किशोरी के पूरी बात बताने पर परिवार के लोग उसे लेकर मुकदमा दर्ज कराने थाने पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें धमकी देनी शुरू कर दी। पुलिस वालों ने परिजनों को इस बात का भी डर दिखाया कि रेप के मामले में रिपोर्ट दर्ज होने पर किशोरी की बदनामी भी होगी और कोर्ट कचहरी के चक्कर भी काटने पड़ेंगे।
पुलिसवालों की इस धमकी के बाद परिजन किशोरी को लेकर वापस लौट आए। हालांकि इसके बाद भी परिजन मामले में मुकदमा दर्ज कराने के प्रयास में लगे हुए थे। नियाज ने बताया कि मामले में आरोपी महिला पूनम की भूमिका साफ नजर आ रही थी, लेकिन उसने इससे पूरी तरह पल्ला झाड़ लिया।
इस सबसे आहत किशोरी ने बीते शनिवार को जहर पीकर छत से छलांग लगा दी। उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। उसकी मौत के बाद लोगों का गुस्सा भड़क उठा और 350 लोगों की भीड़ ने अमानका पुलिस स्टेशन का घेराव कर लिया।
पुलिस ने आरोपों को नकारा
रायपुर के एसपी बीएन मीना ने बताया कि किशोरी के साथ बलात्कार या उसके जहर खाने के बारे में तो पोस्टमार्टम के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। हालांकि उन्होंने किशोरी की हत्या की बात को पूरी तरह नकार दिया। कहा कि मामले में पुलिस की भूमिका की जांच करवाई जाएगी।
वहीं मामले में लापरवाही बरतने वाले अमानका पुलिस थाने के इंस्पेक्टर संदीप चन्द्राकर ने बताया कि किशोरी के परिजन सामाजिक दबाव के चलते मुकदमा दर्ज करवाने में दुविधा में थे, पुलिस ने कोई लापरवाही नहीं बरती।
उन्होंने माना कि किशोरी थाने में आई जरूर थी लेकिन सिर्फ यह सूचना देने के लिए की वह वापिस घर लौट आई। बताया कि मामले की जांच की जा रही है।