डिप्टी कमांडर सन्नू पुनेम ने सरेंडर किया
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गंगालूर एरिया कमेटी के पुसनार आरपीसी भूमकाल मिलिशिया डिप्टी कमांडर सन्नू पुनेम ने नक्सल पंथ से तौबा कर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। वह सलवा जुडूम कार्यकर्ताओं की हत्या सहित अन्य नक्सल घटनाओं में शामिल रहा है।
जिले में चलाये जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है। डीआरजी बस्तर फाइटर के जवानों द्वारा किये जा रहे संयुक्त प्रयास से शुक्रवार को गंगालूर एरिया कमेटी के पुसनार आरपीसी भूमकाल मिलिशिया डिप्टी कमांडर सन्नू पुनेम उर्फ सोमा (40) निवासी गोरगे पारा ने सरेंडर कर दिया। आत्मसमर्पण करने पर उसे उत्साहवर्धन के लिए शासन की आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीति के तहत 25 हजार रुपये नगद प्रोत्साहन राशि दी गई।
सन्नू पुनेम वर्ष 1999 में नक्सल संगठन में बाल संघम के पद पर भर्ती हुआ। वर्ष 2002 में पुसनार डीएकेएमएस अध्यक्ष के पद की जिम्मेदारी दी गई। वर्ष 2004 तक डीएकेएमएस अध्यक्ष के पद पर कार्य किया। वर्ष 2008 में कृषि शाखा सदस्य के पद पर दोबारा नियुक्ति दी गई। वर्ष 2011 में पुसनार भूमकाल मिलिशिया सदस्य की जिम्मेदारी दी गई। वर्ष 2020 में पुसनार आरपीसी भूमकाल मिलिशिया डिप्टी कमांडर का कार्य संगठम मे दिया गया। सन्नू उर्फ सोमा के विरुद्ध हत्या, हत्या का प्रयास, लूट के मामलों में पांच स्थाई वारंट लंबित हैं।
इन घटनाओं में रहा शामिल
वर्ष 2005 में किरंदुल लोहा फेक्ट्री में हमला कर जिलेटिन व हथियार लूट की घटना में शामिल रहा। वर्ष 2006 में गंगालूर राहत शिविर में हमला कर आठ सलवा जुडूम कार्यकर्ताओं की हत्या में शामिल रहा और वर्ष 2021 मिलिशिया सदस्यों के साथ पुसनार हिरोली मार्ग पर गड्डा खोदकर मार्ग अवरुद्ध करने की घटना में शामिल रहा हैं।