छत्तीसगढ़ के मुखिया सीएम विष्णुदेव साय, उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती
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Mayawati and cm vishnudeo sai on Balodabazar violence: बलौदाबाजार हिंसा पर राजनीति थमने का नाम नहीं ले रही है। अब इस मामले में उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती की भी एंट्री हो चुकी है। बलौदाबाजार हिंसा को लेकर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर चिंता जताते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है। इसके जवाब में छत्तीसगढ़ के मुखिया सीएम विष्णुदेव साय ने एक्स पर लिखा कि छत्तीसगढ़ शांति का टापू है। इसे बनाए रखने की हरसंभव कोशिश की जाएगी।
बलौदाबाजार हिंसा और आगजनी की घटना को बसपा प्रमुख ने षड्यंत्रकारी असामाजिक तत्वों की ओर से की गई कार्रवाई बताया और इसकी कड़ी निंदा की है। जिस पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शांति का टापू है और इसे बनाए रखने कि हर संभव कोशिश की जाएगी। कुछ निहित स्वार्थी तत्व राजनीतिक प्रश्रय पाकर समाज मे विष बोने का काम कर रहे हैं, उनसे कड़ाई से निपटा जाएगा। मुख्यमंत्री ने उपद्रवियों की निंदा किये जाने पर बसपा सुप्रीमो मायावती का आभार जताया है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने X हैन्डल पर जवाब देते हुए लिखा कि “धन्यवाद मायावती जी। छत्तीसगढ़ शांति का टापू है और इसे बनाये रखने की हरसंभव कोशिश की जायेगी। प्रदेश की शांति व्यवस्था को कायम रखना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। कुछ निहित स्वार्थी तत्व राजनीतिक प्रश्रय पाकर समाज में विष बोने का काम कर रहे हैं, उनसे कड़ाई से निपटा जायेगा। हर समाज के लोग यहां आपस में सौहार्द के साथ रहते हैं। आपने उपद्रवियों की निंदा की इसके लिए पुनः धन्यवाद आपका। पूज्य गुरु घासीदास के उपदेश हमारे लिए प्रेरक हैं। ‘मनखे मनखे एक समान’ की भावना से ही हमारी सरकार काम कर रही है।
जानिये क्या लिखा था मायावती ने
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपने X हैन्डल पर लगातार तीन ट्वीट कर लिखा कि 'छत्तीसगढ़ में सतनामी समाज के आस्था के केन्द्र गिरौदपुरी से लगा हुआ अमर गुफा में असामाजिक तत्वों के द्वारा परमपूज्य बाबा गुरूघासी दास जी के जय स्तंभ को काटकर फेक दिया जाना अति-चिन्ताजनक'
दूसरे ट्वीट में लिखा कि 'इसके विरोध में सतनामी समाज द्वारा CBI जांच की मांग को लेकर बलौदाबाजार में किये गये धरना प्रदर्शन के दौरान कलेक्टर परिसर में षड्यंत्रकारी असामाजिक तत्वों द्वारा की गई तोड़-फोड़ आदि की घटना भी अति निदंनीय है'
तीसरे ट्वीट में लिखा कि 'उक्त घटना की आड़ में शासन प्रशासन द्वारा निर्दोष सतनामी समाज के लोगों की गिरफ्तारी व मारपीट के ऊपर रोक लगाई जाये तथा उन्हें बिना शर्त तत्काल रिहा किया जाये व असली दोषियों के ऊपर जांच कर कार्यवाही की जाये।'