केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) महादेव सट्टेबाजी एप के आरोपी सौरभ चंद्राकर को आज बुधवार को रायपुर के स्पेशल कोर्ट में पेश करेगी। इसके पहले उसका मेडिकल जांच कराया जायेगा। इसके बाद उसे विशेष न्यायालय में लाया जायेगा।
{{#eligible}}
सभी खबरें बिना रुकावट पढ़ने के लिए
अमर उजाला एप डाउनलोड करें
केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) महादेव सट्टेबाजी एप के आरोपी सौरभ चंद्राकर को आज बुधवार को रायपुर के स्पेशल कोर्ट में पेश करेगी। इसके पहले उसका मेडिकल जांच कराया जायेगा। इसके बाद उसे विशेष न्यायालय में लाया जायेगा।
विज्ञापन
सीबीआई आरोपी सौरभ को पिछले दिनों E6 2307 फ्लाइट से रायपुर लेकर आई। उस पर करीब छह हजार करोड़ रुपये के सट्टा घोटाले में शामिल होने का आरोप है। केंद्रीय जांच एजेंसी कोर्ट में उसे पेश कर रिमांड पर लेने की मांग कर सकती है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सौरभ चंद्राकर के दो दिन के ट्रांजिट रिमांड की मंजूरी दी थी। सौरभ महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी एप मामले का मुख्य आरोपी और प्रमोटर है। सीबीआई पहले सोमवार को ही उसे रायपुर लाने वाली थी। लेकिन कानूनी पहलू के कारण अदालत में सुबह शुरू हुई सुनवाई दोपहर के लिए टालनी पड़ी। इस वजह से उसे दिल्ली से रायपुर लाने में देरी हुई।
विज्ञापन
ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया
केंद्रीय जांच ब्यूरो ने सौरभ चंद्राकर को आगे की जांच के लिए रायपुर लाने के लिये दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत में ट्रांजिट रिमांड की मांग की थी। अदालत ने जांच एजेंसी की दलीलों पर विचार करने के बाद यह दो दिन की ट्रांजिट रिमांड स्वीकार की। कानूनी प्रक्रिया के तहत, ट्रांजिट रिमांड का उद्देश्य आरोपी को एक अदालत के अधिकार क्षेत्र से दूसरे स्थान तक ले जाने की अनुमति देना है। अदालत से अनुमति मिलने के बाद जांच टीम आरोपी को रायपुर स्थानांतरित करने की कार्रवाई में जुट गई थी।
अहम खुलासे की संभावना
महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी एप मामले की जांच में अदालत के इस आदेश से नया मोड़ आया है। छत्तीसगढ़ में दर्ज ऑनलाइन सट्टेबाजी एप से जुड़े मामलों की जांच के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजधानी रायपुर पहुंचने के बाद जांच एजेंसी आरोपी सौरभ चंद्राकर से मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ कर सकती है। इस पूछताछ से मामले में कई अहम खुलासे होने की संभावना है।
ओमान से हुई थी गिरफ्तारी
सौरभ चंद्राकर को रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर 8 जुलाई 2026 को ओमान की रॉयल पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद सीबीआई और ईडी ने भारत सरकार के जरिए ओमान को प्रत्यर्पण का औपचारिक प्रस्ताव भेजा। इसके साथ ही ओमान पुलिस को गड़बड़ी से जुड़े सारे सबूत भी दिये गये। भारत सरकार की एजेंसी, इंटरपोल और ओमान के अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद प्रत्यर्पण को मंजूरी मिली। फिर सीबीआई टीम ओमान की राजधानी मस्कट पहुंची। जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद टीम एक नवंबर को सौरभ चंद्राकर को लेकर भारत पहुंची।