साल के अंत तक छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव संपन्न होने हैं, ऐसे में चुनाव होने तक प्रदेश भर के पांच लाख कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। इस बीच इलेक्शन अर्जेंट के नाम पर अर्जित अवकाश (ईएल) रद्द करने और जिला कलेक्टर की ही अनुमति से सीएल देने के आदेश से प्रदेश के करीब पांच लाख कर्मचारियों ने कड़ा एतराज जताया है। कर्मचारी संगठन शुक्रवार को प्रदेश दौरे पर आ रहे मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत के समक्ष विरोध जताने की तैयारी कर रहे हैं।
चुनाव काम में कोटवार से लेकर कलेक्टर तक करीब 5 लाख अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। इनमें 60 हजार से अधिक पुलिस वाले हैं। बिमारियों के इस सीजन में ऐसी पाबंदी से कर्मियों में बड़ा आक्रोश देखा जा रहा है।
बता दें कि राज्य पुलिसकर्मी और उनके परिजन छुट्टियों को लेकर पहले ही जून में बड़ा आंदोलन कर चुके हैं। राज्य निर्वाचन कार्यालय ने हाल में एक आदेश जारी कर चुनाव प्रकिया पूरी होने तक सभी अधिकारी-कर्मचारियों के ईएल और सीएल को रद्द कर दिया है। यह आदेश विधानसभा चुनावों की मतगणना पूरी होने तक लागू रहेगा।
कर्मचारियों को खफा करने वाले इस आदेश में कहा गया है कि बहुत जरूरी होने पर डीआरओ यानि कलेक्टर की एनओसी से विभागीय अधिकारी संबंधित कर्मियों की छुट्टी मंजूर कर सकेंगे। वहीं केवल एक दिन के सीएल देने की ही अनुमति विभाग प्रमुख को होगी।