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Balrampur Ramanujganj: मृत समझकर कर दिया गया था अंतिम संस्कार, कई माह बाद दोनों बेटियों के साथ लौटी महिला

Sat, 31 Aug 2024 04:34 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर रामानुजगंज

सार

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले से एक वर्ष पूर्व लापता महिला एवं दो बेटियों का शव रायगढ़ जिले में मिलने की सूचना पर युवक ने उनका अंतिम संस्कार कर दिया। महिला अपने दोनों बेटियों को लेकर झारखंड मायके वापस लौट आई।
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दोनों बेटियों के साथ लौटी महिला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बलरामपुर-रामानुजगंज जिले से एक वर्ष पूर्व लापता महिला एवं दो बेटियों का शव रायगढ़ जिले में मिलने की सूचना पर युवक ने उनका अंतिम संस्कार कर दिया। महिला अपने दोनों बेटियों को लेकर झारखंड मायके वापस लौट आई। करीब एक माह पूर्व वे युवक के घर पहुंच गए। युवक ने इसकी सूचना रायगढ़ की खरसिया पुलिस को दी। रायगढ़ पुलिस अब मृत महिला एवं दो बच्चों के परिजनों की तलाश में जुट गई है। 

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जानकारी के मुताबिक, बलरामपुर जिले के पस्ता थाना अंतर्गत बासेन में रहकर टेलर का काम करने वाले अबुल हसन की पत्नी राबिया अपनी दो बेटियों सीजरा परवीन (6) एवं गुलस्ता परवीन (3) को लेकर 08 अगस्त 2023 को घर से निकल गई। उसका मोबाइल भी बंद मिला। परेशान अबुल हसन ने रिश्तेदारों के घर पूछताछ के बाद तीनों की गुमशुदगी की रिपोर्ट पस्ता थाने में दर्ज कराई। 


खरसिया में मिले शवों का किया अंतिम संस्कार 
तीनों की गुमशुदगी कर जांच कर रही पस्ता पुलिस को रायगढ़ पुलिस ने 14 अगस्त 2023 को एक महिला एवं दो बच्चों का शव खरसिया के देहजरी स्थित नदी में मिलने की सूचना मिली। फोटो देखकर अबुल हसन से तीनों की शिनाख्त करने के लिए पुलिस ने कहा एवं अबुल हसन को लेकर पुलिस खरसिया भी पहुंची। कुछ संदेह के बीच सड़ने की स्थिति में आ चुके शवों की पहचान अबुल हसन ने राबिया एवं दोनों बेटियों के रूप में की। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के बाद अबुल हसन को सौंपा। अबुल हसन ने तीनों का विविधत अंतिम संस्कार भी कर दिया। इसके बाद अबुल हसन वापस घर बासेन आ गया। टेलरिंग का काम बेहतर नहीं चलने से वह कुसमी आ गया एवं वहीं काम करने लगा। 

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राजस्थान से वापस लौटी मां-बेटियां 
करीब चार माह पूर्व सीजरा परवीन अपनी दोनों बेटियों के साथ वापस मायके झारखंड लौट आई। सीजरा परवीन ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। पति से विवाद होने के बाद वह घर से निकल गई एवं अंबिकापुर आ गई। यहां से वह अंबिकापुर-जबलपुर ट्रेन में सवार हो गई। उसका पति रास्ते में किसी ने निकाल लिया। 
सीजरा परवीन ने बताया कि कुछ दलालों ने उसे, बच्चों सहित राजस्थान पहुंचा दिया, जहां वह बंधक बन गई। वहां उसे काम के पर्याप्त पैसे भी नहीं मिले। वह किसी तरह वहां से बच्चों को लेकर भाग निकली एवं झारखंड पहुंच गई। एक माह पूर्व ससुराल वालों ने उन्हें कुसमी पहुंचा दिया। 

भरोसा नहीं था वापस आएंगे
अबुल हसन ने कहा कि शवों को देखकर शंका हुई थी। हालांकि शव इस हालत में नहीं थे, कि बारीकी से शिनाख्त की जा सके। हालांकि उसने पत्नी व बच्चों के वापस लौटने की उम्मीद छोड़ दी थी। अब वे लौट आए हैं तो खुशी है। 

रायगढ़ पुलिस पहुंची, मृतकों की शिनाख्त की कोशिश
अपनी पत्नी व बच्चों के लौट आने की सूचना अबुल हसन ने पस्ता थाने में दी। उनके माध्यम से सूचना रायगढ़ पुलिस को दी गई। रायगढ़ पुलिस ने कुसमी पहुंचकर इसकी शिनाख्त भी की। रायगढ़ पुलिस के लिए परेशानी बढ़ गई है कि खरसिया में मिले महिला एवं बच्चों के शव किसके थे। 

शवों के शिनाख्त की फिर होगी कोशिश-एएसपी
रायगढ़ एएसपी आकाश मरकाम ने कहा कि खरसिया में एक वर्ष पूर्व मिले शवों की शिनाख्त अबुल हसन ने की थी। अब उसकी पत्नी एवं दोनों बेटियां लौट आई हैं। एक सप्ताह पूर्व ही इसकी सूचना मिली तो रायगढ़ पुलिस ने इसकी तस्दीक कर ली है। अब खरसिया की नदी में मिले शवों की शिनाख्त की कोशिश फिर से की जाएगी।

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