कोरबा में भूविस्थापित किसानों ने मांगों को लेकर SECL खदान में काम बंद कराया।
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छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित SECL के भू विस्थापित किसानो का गुस्सा एक बार फिर भड़क गया है। किसान शुक्रवार को बड़ी संख्या में गेवरा खदान पहुंच गए और काम बंद करा दिया। सुबह से चल रहा किसानों का प्रदर्शन अभी जारी है। इसके चलते उत्पादन ठप हो गया। इससे SECL को लाखों रुपए का नुकसान होने का अनुमान है। सूचना मिलने पर कुसमुंडा थाना पुलिस के साथ ही CISF के जवान भी मौके पर पहुंच गए हैं। अफसरों की ओर से किसानों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।
SECL की खदान में प्रदर्शनकारियों को देखते हुए CISF जवान और पुलिस पहुंची हुई है।
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चार सूत्रीय मांगों को लेकर है आंदोलन
दरअसल, SECL की कोल परियोजनाओं के लिए किसानों ने अपनी जमीनें दी थीं। इसके बाद से ही किसान अपनी तमाम मांगों को लेकर लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि प्रबंधन ने उन्हें अभी तक मुआवजा, नौकरी, बसावट और बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। इन्हीं चार सूत्रीय मांगों को लेकर किसानों ने फिर से आंदोलन कर दिया है। हाळथों में झंडा लिए किसान सुबह करीब 10 बजे गेवरा खदान पहुंच गए और उत्पादन ठप करा दिया। इसके बाद वहीं बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी है।
प्रदर्शनकारी मानने के लिए तैयार नहीं
किसानों को प्रदर्शन करते हुए 6 घंटे से भी लंबा समय हो गया है। अब तक SECL को इससे लाखों रुपए का नुकसान बताया जा रहा है। खदान बंद होने की सूचना के बाद से SECL के अफसर और CISF जवान मौके पर हैं। प्रदर्शन के चलते खदान में वाहनों की लंबी कतार लग गई है। जिसके कारण कोयला सप्लाई भी पूरी तरह से रुक गई है। अफसरों की ओर से किसानों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हैं। बरसते पानी और कीचड़ में किसान डटे हुए हैं।
किसानों के प्रदर्शन के चलते उत्पादन ठप हो गया है।
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मांगे पूरी नहीं होने पर आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के सदस्य वीरेंद्र सिंह कंवर ने चेतवानी दी है कि SECL प्रबंधन की ओर से उनकी मांगों को जल्द से जल्द पूरा नहीं किया गया, तो प्रदर्शन इसी तरह से जारी रहेगा। किसानों को विरोध को देखते हुए फिलहाल SECL प्रबंधन भी अभी बैकफुट पर है। प्रबंधन की ओर से अभी तक इस प्रदर्शन के चलते हो रहे नुकसान और परिस्थितियों को लेकर कोई बयान नहीं आया है। दूसरी ओर किसान भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।