कोरबा जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत सीतामढ़ी में नहर में बहे युवक का शव चौथे दिन बरामद हो गया है। शुक्रवार सुबह उसका शव सीतामणी नहर के साइफन में फंसा हुआ मिला। शव मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, सीतामढ़ी निवासी सतीश रजक 4 दिन पहले नहर में बह गया था। घटना के बाद से उसका कोई पता नहीं चल रहा था। शव नहीं मिलने से परिजन और बस्ती के लोग काफी परेशान थे। गुरुवार सुबह परिजनों ने कोतवाली थाना पहुंचकर पुलिस से गुहार लगाई थी।
शुक्रवार सुबह जब स्थानीय लोगों की नजर नहर के साइफन में फंसे शव पर पड़ी, तो उन्होंने तत्काल इसकी सूचना कोतवाली थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से किसी तरह शव को बाहर निकाला। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
कोतवाली थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू ने बताया कि परिजनों का बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि वह किन परिस्थितियों में नहर में बहा था।
बताया जा रहा है कि मृतक सतीश रजक हमाली का काम करता था। उसकी पत्नी और दो बच्चे हैं, जिनकी उम्र 11 साल और 3 साल है। परिजनों के अनुसार, घटना वाले दिन उसने बच्चों को खाना खिलाया और खुद भी खाना खाया था। इसके बाद वह घर से लगी नहर की तरफ एक व्यक्ति के साथ गया था। इसी दौरान सीतामणी बसोड़ मोहल्ले के सामने से गुजर रही नहर में उसका पैर फिसल गया और वह तेज बहाव में बह गया। साथ गए व्यक्ति ने इसकी सूचना परिजनों को दी, जिसके बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
सूचना मिलते ही डायल 112 और कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने जिला नगर सेना के गोताखोरों की टीम को बुलाया। पिछले तीन दिनों से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा था, लेकिन नहर में पानी का बहाव तेज होने के कारण गोताखोरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अंततः चौथे दिन शव बरामद हो सका।
कोतवाली थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू ने लोगों से अपील की है कि नहर के पास नहाने या घूमने न जाएं। अभी नहर में पानी का फ्लो ज्यादा है, जो बेहद खतरनाक हो सकता है। पुलिस द्वारा लगातार लोगों को समझाइश दी जा रही है।
नहर में बहे युवक का शव चौथे दिन बरामद
नहर में बहे युवक का शव चौथे दिन बरामद