कटघोरा में ईओडब्ल्यू ने गुरुवार सुबह नगर पालिका अध्यक्ष राज जायसवाल और नगर सैनिक दिलीप केंवट के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। कार्रवाई को चर्चित डीएमएफ घोटाले की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है। फिलहाल दस्तावेजों की जांच और पूछताछ जारी है।
कोरबा जिले के कटघोरा में गुरुवार सुबह आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने एक साथ दो ठिकानों पर दबिश दी। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में सामने आए चर्चित जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) घोटाले की जांच से जुड़ी है। अचानक हुई इस कार्रवाई से क्षेत्र के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है।
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जानकारी के अनुसार, जांच ब्यूरो की टीम गुरुवार सुबह कटघोरा पहुंची और नगर पालिका अध्यक्ष राज जायसवाल के ठिकाने पर जांच शुरू की। इसी दौरान दूसरी टीम ने नगर सैनिक दिलीप केंवट के ठिकाने पर भी दबिश दी। दोनों स्थानों पर टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है।
डीएमएफ घोटाले की जांच से जुड़ रहे कार्रवाई के तार
सूत्रों के मुताबिक, जांच ब्यूरो की यह कार्रवाई डीएमएफ राशि के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले की जांच के सिलसिले में की जा रही है। जिला खनिज न्यास की राशि के उपयोग में अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से जांच चल रही है। आरोप हैं कि विकास कार्यों के लिए निर्धारित राशि का उपयोग अन्य मदों में किया गया था। इसी मामले में जांच एजेंसी पहले भी कई स्थानों पर कार्रवाई कर चुकी है।
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आधिकारिक जानकारी का इंतजार
फिलहाल दोनों ठिकानों पर जांच ब्यूरो की कार्रवाई जारी है। हालांकि, दबिश के पीछे के सटीक कारणों और जांच में सामने आए तथ्यों को लेकर एजेंसी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। अधिकारियों ने भी इस मामले में फिलहाल टिप्पणी नहीं की है।
कटघोरा में एक साथ दो स्थानों पर हुई कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। अब सबकी नजरें जांच और एजेंसी की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक जानकारी पर टिकी हैं।