छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पाइल्स से परेशान एक किसान ने रविवार को खुदकुशी कर ली। वह करीब आठ सालों से अपना इलाज करा रहा था। बताया जा रहा है कि जब वह ठीक नहीं हुआ और सेहत बिगड़ने लगी तो उसने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। बताया जा रहा है कि किसान किसी अच्छे डॉक्टर के बजाए झोलाछाप से अपना उपचार करा रहा था। मामला मोरगा पुलिस चौकी क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक, उचलेंगा निवासी संझउ उर्फ संजय उरांव (52) के परिजन 22 अप्रैल को कहीं गए हुए थे। संजय घर में अकेला था। परिजन घर पहुंचे तो अधेड़ की हालत बिगड़ चुकी थी। पूछताछ में पता चला कि उसने घर में रखे कीटनाशक का सेवन कर लिया था। इस पर परिजन उसे लेकर स्थानीय अस्पताल पहुंचे, जहां से उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां उपचार के दौरान पांच दिन बाद उसने दम तोड़ दिया।
परिजनों ने बताया कि संजय सात-आठ साल से पाइल्स की बीमारी से ग्रसित था। वह गांव में घूम-घूमने वाले झोलाछाप डॉक्टर से उपचार करा रहा था। इसके बावजूद सेहत में सुधार नहीं हो सका। वह अपनी बीमारी से परेशान था। संभवतः उसने इसी से तंग आकर कीटनाशक का सेवन किया होगा, जिससे उसकी मौत हुई है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है।