कोरबा पुलिस अधीक्षक कार्यालय की स्टेनो शाखा में पदस्थ आरक्षक क्रमांक 640 नरहरि पटेल की लाश पत्थलगांव में पेड़ पर फांसी के फंदे से लटकी मिली है। घटना की सूचना पत्थलगांव थाना पुलिस ने कोरबा पुलिस को फोन कर दी है। खबर मिलते ही पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है।
बताया जा रहा है कि आरक्षक की लाश पेड़ पर सफेद रंग की चुन्नी के फंदे पर लटकी हुई मिली है। ग्रामीणों की नजर जब पेड़ पर लटकी लाश पर पड़ी तो उन्होंने तत्काल इसकी सूचना पत्थलगांव थाना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और पहचान कार्रवाई शुरू की। पहचान होने पर मृतक के परिजनों को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही परिजन कोरबा से घटनास्थल पत्थलगांव के लिए रवाना हो गए हैं।
आरक्षक ने कब, कैसे और किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया, यह अभी समझ से परे है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आरक्षक कोरबा से पत्थलगांव क्यों, कब और कैसे गया, यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
मृतक आरक्षक 38 वर्षीय नरहरि पटेल पिता श्री गोवर्धन प्रसाद पटेल का है। वह 2013 बैच में पुलिस विभाग में भर्ती हुआ था। उसकी वर्तमान तैनाती सिविल लाइन रामपुर में 27 सितंबर 2023 से थी, लेकिन वह पुलिस अधीक्षक कार्यालय की स्टेनो शाखा में पदस्थ था। वह दादर बस्ती मानिकपुर में रहता था। शादी के बाद उसकी पत्नी और एक छोटी बेटी है।
आरक्षक की मौत की सूचना मिलते ही पुलिस परिवार में शोक छा गया है। व्हाट्सएप ग्रुप में साथी पुलिसकर्मी उसे श्रद्धांजलि दे रहे हैं। साथी बताते हैं कि नरहरि बहुत ही सरल स्वभाव और सुलझा हुआ संतुलित बातें करने वाला पुलिसकर्मी था। वह सभी से मिलजुल कर रहता था।
फिलहाल पत्थलगांव पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। परिजनों के घटनास्थल पर पहुंचने के बाद और पुलिस की वैधानिक कार्रवाई, पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही आरक्षक की मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।
कोरबा के आरक्षक की पत्थलगांव में फांसी पर लटकी मिली लाश