कोरबा जिले के बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र से एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। ग्राम जवाली-अभयपुर के पास धान के खेत में एक नवजात बच्ची मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने खेत में बच्ची को पड़ा देखा, जिसके बाद ग्रमीणो और पुलिस की मदद से उसे सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया।
जानकारी के अनुसार बच्ची धान की फसल के बीच पड़ी हुई मिली थी। देर रात इसकी सूचना बांकीमोंगरा पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सत्यम साहू ने बच्ची को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की सलाह दी। इसके बाद लोगो द्वारा नवजात को देर रात कटघोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही बांकीमोंगरा पुलिस के प्रधान आरक्षक भी सीएचसी पहुंचे और वैधानिक कार्रवाई शुरू की। बच्ची को खेत में किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा, इसकी जांच की जा रही है।
इस मामले में कटघोरा बीएमओ डॉ. रश्मि सिंह ने बताया कि आज सुबह करीब 4:10 बजे नवजात बच्ची को सीएचसी लाया गया था। उसका प्राथमिक उपचार कर दिया गया है। बच्ची की सांसें थोड़ी तेज चल रही हैं। हमारे यहां उपचार की व्यवस्था है, लेकिन बच्ची अज्ञात और लावारिस होने के कारण नियमानुसार बेहतर देखभाल और कानूनी प्रक्रिया के लिए उसे जिला अस्पताल कोरबा रेफर किया जा रहा है।
सीएचसी के चिकित्सकों के अनुसार प्रारंभिक जांच में बच्ची की हालत स्थिर है और उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार बांकीमोंगरा क्षेत्र में नवजात मिलने की यह तीसरी घटना है। पहली घटना ग्राम कसरेंगा में नवजात बालक मिलने की थी, दूसरी घटना बांकीमोंगरा के मनोरंजन मंदिर के पास नाली किनारे भ्रूण मिलने की थी, और अब तीसरी घटना जवाली-अभयपुर के धान के खेत में बच्ची मिलने की है।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने नवजातों की सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस परिजनों की पहचान और घटना के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है।
धान के खेत में मिली नवजात बच्ची रोने की आवाज सुनकर पहुचे लोग