कोरबा नगर पालिक निगम कोरबा और ग्राम यात्रा छत्तीसगढ़ नेटवर्क बीच विवाद गहरा गया है। निगम ने पोर्टल संचालक अब्दुल सुल्तान द्वारा प्रकाशित खबरों को तथ्यहीन, भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण बताते हुए खंडन जारी किया है। निगम का कहना है कि यह उसकी छवि खराब करने का असफल प्रयास है और उसकी शिकायत पर शासन द्वारा पोर्टल के रजिस्ट्रेशन की जांच कराई जा रही है।
निगम ने अपने खंडन में कहा कि FDR अमानत राशि, फाइलों के निस्तारण, जनशिकायतों और पौधा खरीदी को लेकर लगाए गए आरोप निराधार हैं। FDR राशि पूरी तरह सुरक्षित और वित्तीय नियमों के तहत संधारित है। भुगतान फाइलों का परीक्षण आयुक्त आशुतोष पाण्डेय के पर्यवेक्षण में समयसीमा में हो रहा है। पौधा खरीदी सक्षम स्वीकृति और अधिकृत कार्यादेश के तहत नियमानुसार हुई है, जबकि DMF मद का पौधरोपण कार्य अलग निविदा प्रक्रिया में है। HIG-30 भवन की स्वीकृति हाईकोर्ट के आदेश पर अर्थदंड लेकर दी गई है।
दूसरी ओर ग्राम यात्रा नेटवर्क ने खंडन के समर्थन में दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की है। नेटवर्क का कहना है कि सुशासन पारदर्शिता से तय होगा।
नेटवर्क ने शासकीय पत्रों का हवाला दिया है। नगरीय प्रशासन विभाग के पत्र क्रमांक GENCOR-35/8388/2026-UAD/530923 दिनांक 28 सितंबर 2026 में 3,290 पौधों की GeM बोलियों और बोली पूरी होने से पहले पौधे पहुंचने की शिकायत पर नोडल अधिकारी आर.डी. मेहरा से जांच प्रतिवेदन मांगा गया था।
इसी तरह संभागायुक्त कार्यालय के ज्ञापन GENS/60761/शिकायत/2026 में 650 पौधों की खेप, वाहन CG04 RB 0409 और Umesh Sir के नाम का उल्लेख है, जिसमें CCTV, गेट रजिस्टर, GST इनवॉइस सुरक्षित रखने को कहा गया है। ज्ञापन GENS/62501/शिकायत/2026 में HIG-30 प्रस्ताव क्रमांक 2863 में बिना सक्षम प्राधिकारी के आदेश के अनुमति देने का आरोप है।
ग्राम यात्रा ने मांग की है कि पौधा खरीदी का कार्यादेश, HIG-30 का सक्षम निर्णय, सभागार के भुगतान और FDR का बैंकवार विवरण सार्वजनिक हो, साथ ही पोर्टल के पंजीयन जांच का आदेश भी सामने आए। संपादक अब्दुल सुल्तान ने ई-फाइलें सुरक्षित रखने और हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की घोषणा की है।